पश्चिम एशिया में एक बार फिर अस्थिरता बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीने हुए युद्धविराम पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करते हुए कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। इसके साथ ही वॉशिंगटन ने ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री के लिए दी गई अस्थायी छूट भी समाप्त कर दी। यह कदम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तीन व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद उठाया गया। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का आरोप है कि ईरान ने युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन किया है और उसकी गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रही हैं। दूसरी ओर, तेहरान ने अमेरिकी हमलों को समझौते का उल्लंघन बताते हुए इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
ईरानी सैन्य ठिकाने बने निशाना
CENTCOM के अनुसार, कार्रवाई के दौरान ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल ठिकानों, तटीय निगरानी केंद्रों और ड्रोन लॉन्च साइटों को निशाना बनाया गया। वहीं ईरानी मीडिया ने सीरिक, क़ेश्म द्वीप और बंदर अब्बास क्षेत्र में कई विस्फोटों की जानकारी दी है।
U.S. Central Command forces have begun launching a series of powerful strikes against Iran to impose heavy costs for targeting and attacking commercial shipping crewed by innocent civilians in an international waterway. The U.S. strikes are in response to Iranian attacks on three…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 7, 2026
तेल निर्यात पर सख्ती
अमेरिकी प्रशासन ने जून में दी गई वह राहत भी वापस ले ली है, जिसके तहत ईरान सीमित शर्तों के साथ वैश्विक बाजार में कच्चा तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद बेच सकता था। नए आदेश के मुताबिक, ईरान को 17 जुलाई तक ऐसे सभी निर्यात समझौते समाप्त करने होंगे। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
व्यावसायिक जहाजों पर हमलों से बढ़ी चिंता
कतर ने दावा किया है कि उसके एलएनजी टैंकर अल रेकय्यात सहित तीन कारोबारी जहाजों पर हमला हुआ। ड्रोन हमले के कारण टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई, हालांकि सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं। इसके अलावा, ओमान के निकट एक सऊदी तेल टैंकर को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने किसी जहाज पर हमला नहीं किया और वह युद्धविराम समझौते का पालन कर रहा है।
Written By Toshi Shah