Bangladesh Prime Minister India Tour: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के अगले सप्ताह भारत दौरे की संभावना जताई जा रही है। अगर यह यात्रा तय होती है तो प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से रिश्तों में आई खटास को कम करने के लिहाज से इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है।

नई दिल्ली की ओर से द्विपक्षीय बातचीत के लिए मिले निमंत्रण के बाद दोनों देशों के अधिकारियों के बीच संपर्क बढ़ गया है। संभावित रूप से यह दौरा 20 से 25 अगस्त के बीच हो सकता है।

पीएम मोदी ने दिया था भारत आने का न्योता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को पद संभालने के बाद भारत यात्रा के लिए आमंत्रित किया था। इसके अलावा उन्हें भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में BIMSTEC अध्यक्ष के तौर पर शामिल होने का न्योता भी दिया गया है।माना जा रहा है कि भारत और बांग्लादेश इस बैठक के जरिए आपसी रिश्तों को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर सकते हैं।

पहली भारत यात्रा पर होगी कई मुद्दों पर चर्चा

तारिक रहमान के संभावित दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हो सकती है।इनमें प्रमुख रूप सेपूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा,व्यापार और आर्थिक सहयोग,वीजा प्रक्रिया को सामान्य करना और जल बंटवारे से जुड़े विवाद भी लशामिल हैं।

ऊर्जा और आर्थिक सहयोग पर भी रहेगा फोकस

भारत बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कुछ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव रख सकता है। खासतौर पर ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी चुनौतियों के बीच बांग्लादेश के लिए ऊर्जा सुरक्षा एक बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।

गंगा और तीस्ता जल समझौता भी बड़ा मुद्दा

भारत और बांग्लादेश के बीच जल बंटवारा लंबे समय से अहम विषय रहा है। गंगा जल संधि की अवधि दिसंबर में खत्म होने वाली है, जबकि तीस्ता जल बंटवारा समझौता कई वर्षों से लंबित है।ऐसे में दोनों देशों के नेता इस मुद्दे पर आगे बढ़ने का रास्ता तलाश सकते हैं।

सुरक्षा को लेकर भारत की अपनी चिंताएं

भारत की नजर बांग्लादेश में सुरक्षा हालात पर भी रहेगी। इसमें उग्रवादी गतिविधियों पर नियंत्रण, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।इसके अलावा बांग्लादेश के चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ते संबंध भी भारत की रणनीतिक चिंताओं में शामिल हैं।

विरोध के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिश

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश में कुछ कट्टरपंथी समूह भारत के साथ संबंध मजबूत करने के प्रयासों का विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद भारत और बांग्लादेश दोनों ही देशों के बीच बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। अगर बातचीत सफल रहती है तो पिछले कुछ समय से जारी तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

  Written By: Shivashakti Narayan Singh