नागपुर: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, लेकिन जब महिलाओं को अधिकार देने वाले कानूनों का समर्थन करने की बात आती है तो उनका रुख अलग हो जाता है।
नागपुर में आयोजित "मंथन 4 युवा - नागपुर 2026" के समापन समारोह के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में फडणवीस ने कहा, "राहुल गांधी मंच पर महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, लेकिन महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम महिला आरक्षण बिल है। राहुल गांधी इस बिल का विरोध करते हैं और इसके खिलाफ वोट कर चुके हैं।"
'हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और' कहकर कसा तंज
फडणवीस ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए हिंदी कहावत "हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और" का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की बातें और उनके कार्यों में अंतर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता महिलाओं को अधिकार देने की बात करते हैं, लेकिन असल में उनके लिए किए जा रहे महत्वपूर्ण कदमों का समर्थन नहीं करते।
मंथन 4 युवा कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी का किया जिक्र
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कार्यक्रम में युवाओं की बड़ी भागीदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के Gen Z और युवाओं ने इस कार्यक्रम में अपनी इच्छा से हिस्सा लिया।
उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम में करीब 1.25 लाख लोगों ने भाग लिया और 585 ध्वजवाहकों के साथ ढोल टीमों ने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर भी लगाया था आरोप
इससे पहले शुक्रवार को फडणवीस ने राहुल गांधी के पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए थे।
उन्होंने आरोप लगाया था कि यह वास्तविक छात्र कार्यक्रम नहीं था, बल्कि राजनीतिक रणनीति के तहत आयोजित किया गया कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य राहुल गांधी की छवि को दोबारा मजबूत करना था।
फडणवीस ने यह भी दावा किया था कि सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को कार्यक्रम में शामिल होने या प्रचार करने के लिए 30 हजार रुपये तक भुगतान किए जाने की बात सामने आई थी।
राहुल गांधी ने महिला सुरक्षा और अधिकारों पर रखी थी बात
वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में 'छात्रों की गूंज' अभियान के दौरान महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और सामाजिक नियंत्रण से जुड़े मुद्दों पर बात की थी।
उन्होंने कहा था कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा, अपमान और चिंता के नाम पर लगाए जाने वाले प्रतिबंध भी उत्पीड़न का माध्यम बन सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा था कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण महिलाओं की शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रभावित होते हैं।
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