टोक्यो। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने सोमवार को देश की आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए "जिम्मेदार सक्रिय राजकोषीय नीति" अपनाने का संकल्प लिया। यह बयान ऐसे समय आया है जब जापान की अर्थव्यवस्था ने अप्रैल-जून तिमाही में सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, हालांकि कमजोर घरेलू मांग और पश्चिम एशिया संघर्ष के असर ने आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बनाए रखा।

जापान की अर्थव्यवस्था लगातार दूसरी तिमाही में बढ़ी है, लेकिन 1.1 प्रतिशत की वृद्धि बाजार के अनुमानित 2 प्रतिशत से कम रही। तिमाही आधार पर अर्थव्यवस्था में केवल 0.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि बाजार का अनुमान 0.5 प्रतिशत था।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, निर्यात ने अर्थव्यवस्था को सहारा दिया और विकास में 0.5 प्रतिशत अंक का योगदान दिया, लेकिन कमजोर घरेलू मांग ने 0.2 प्रतिशत अंक की कमी पैदा की।

प्रधानमंत्री ताकाइची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ताजा आंकड़े बताते हैं कि जापानी अर्थव्यवस्था "धीमी लेकिन स्थिर रिकवरी" के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति और घरेलू मांग में कमजोरी के प्रभाव को भी स्वीकार किया।

ताकाइची ने कहा, "मध्य पूर्व की स्थिति के प्रभाव के बावजूद अप्रैल-जून 2026 की वास्तविक आर्थिक वृद्धि तिमाही आधार पर 0.3 प्रतिशत और सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत रही। अर्थव्यवस्था लगातार तीसरी तिमाही में सकारात्मक वृद्धि दर्ज कर रही है।"

निवेश और घरेलू खपत में कमजोरी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस तिमाही में पूंजी निवेश (Capital Spending) आर्थिक विकास के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहा। इसमें 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बाजार को 0.4 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद थी। वहीं, बढ़ती जीवन-यापन लागत के कारण घरेलू उपभोक्ता खर्च भी कमजोर रहा। परिवारों ने खर्च करने में सावधानी बरती।

हालांकि, प्रधानमंत्री ताकाइची ने वेतन और आय में सुधार को सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि वास्तविक कर्मचारियों का कुल मुआवजा सालाना आधार पर 2.3 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 0.9 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रोजगार और आय में सुधार, खासकर लगातार तीसरे साल 5 प्रतिशत से अधिक वेतन वृद्धि, अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा कीमतों का असर

जापान ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। पश्चिम एशिया संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं के कारण देश पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। इस स्थिति को देखते हुए ताकाइची सरकार निवेश बढ़ाने, उत्पादन क्षमता मजबूत करने और आर्थिक विकास दर बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार "जापान ग्रोथ स्ट्रैटेजी" और "रीजनल फ्यूचर स्ट्रैटेजी" को आगे बढ़ाएगी, जिससे घरेलू निवेश बढ़ेगा, उत्पादन क्षमता मजबूत होगी और जापान एक मजबूत अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ेगा।

सरकार महंगाई से निपटने के लिए उठाएगी कदम

ताकाइची ने कहा कि सरकार बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए बजट में शामिल योजनाओं को तेजी से लागू करेगी और आर्थिक जोखिमों से निपटने के लिए लचीली रणनीति अपनाएगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य जापान को फिर से मंदी और डिफ्लेशन (कीमतों में गिरावट) की स्थिति में जाने से रोकना और विकास आधारित अर्थव्यवस्था तैयार करना है।

व्यापार और बैंक ऑफ जापान के फैसले

इससे पहले व्यापार आंकड़ों में भी पश्चिम एशिया संकट का असर दिखाई दिया था। होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के कारण जापान का कच्चे तेल का आयात मात्रा के हिसाब से 57.3 प्रतिशत घटकर 4.73 मिलियन किलोलीटर रह गया।

मई में जापान को करीब 2.34 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार घाटा हुआ। हालांकि, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वाहनों की मजबूत मांग के कारण निर्यात में 17 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई। वहीं, बैंक ऑफ जापान ने पहले ही अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 0.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 1 प्रतिशत कर दिया था और वित्त वर्ष 2026 के लिए आर्थिक वृद्धि का अनुमान भी थोड़ा बढ़ाया था।

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कुल मिलाकर, ताजा GDP आंकड़े जापान के लिए मिश्रित तस्वीर पेश करते हैं। अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, लेकिन घरेलू मांग और निजी निवेश अभी भी बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं।

Written By: Pradeep Singh