नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी शुक्रवार को अहम सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द होने पर चिंता जताते हुए सरकार से कहा कि दोबारा होने वाली परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ आयोजित की जाए। वहीं, अब इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी।

21 जून को देशभर में दोबारा आयोजित परीक्षा

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दी गई थी। अब यह परीक्षा 21 जून को देशभर में एक साथ दोबारा आयोजित की जाएगी। मामले में कई मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों ने याचिकाएं दाखिल कर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को हटाने की मांग की है।

इससे पहले हुई सुनवाई में एनटीए से मांगी थी जवाब

इससे पहले हुई सुनवाई में जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने एनटीए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अदालत ने यह भी पूछा था कि वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है।

2025 की परीक्षा में सुधारों के आधार पर सफलतापूर्वक हुई थी परीक्षा

सुनवाई के दौरान उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष और इसरो के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि समिति ने कुल 60 सुझाव दिए थे, जिनमें से कई को लागू किया जा चुका है। उनके अनुसार, 2025 की परीक्षा इन सुधारों के आधार पर सफलतापूर्वक आयोजित हुई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि छात्रों को इस तरह की परिस्थिति का सामना करना पड़ा, यह बेहद चिंताजनक है। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि आगामी परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से कराई जाए। वहीं, केंद्र सरकार और एनटीए की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि 21 जून की परीक्षा को सुरक्षित और बेहतर ढंग से कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

Written By Toshi Shah