Hamirpur News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्कूली बच्चों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा है। कुरारा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चंदूपुर से जुड़े मंगला का डेरा, बच्ची का डेरा और गंगवा का डेरा समेत आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाली सड़क की बदहाली से तंग आकर सैकड़ों स्कूली बच्चे और ग्रामीण मंगलवार दोपहर 'रोड नहीं तो वोट नहीं' के नारों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे।

कलेक्ट्रेट में अफरा-तफरी का माहौल
हाथों में तिरंगा और बैनर-पोस्टर लिए यह बच्चे पैदल मार्च करते हुए सीधे जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंचे। मासूम बच्चे अपनी रोजाना की समस्या यानी कीचड़, दलदल और गड्ढों से भरी सड़क के निर्माण के लिए सीधे डीएम से बात करना चाहते थे। करीब चार घंटे तक कलेक्ट्रेट में अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थिति यह बन गई कि स्थिति संभालने पहुंचे एडीएम और एसडीएम की बात भी बच्चों ने नहीं मानी, वहीं डीएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी दूसरा

रास्ता बदलकर परिसर से निकल गए
कलेक्ट्रेट परिसर से बच्चों को हटाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि वहां मौजूद इंस्पेक्टर रामकुमार और अन्य पुलिसकर्मियों ने स्कूली बच्चों के साथ बदसूकी की। 'बहुत हो गया, चल हट हट...' जैसे शब्दों से डराते-धमकाने और धकियाकर बाहर निकालने की कोशिश का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस के इस सख्त रवैये से कुछ बच्चे डर गए, लेकिन दो बच्चियों ने बहादुरी का परिचय देते हुए जमीन पर धरना दे दिया। वहीं बच्चियों का कहना था कि हम तब तक नहीं जाएंगे जब तक हमारी सड़क नहीं बन जाती, हमारी मांग पूरी कर दो।

सपा, कांग्रेस और 'आप' ने सरकार को घेरा
मासूम बच्चों के साथ पुलिस के इस रवैये और जर्जर सड़क के मुद्दे ने अब राज्य में राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दलों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के माध्यम से राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है, सपा ने लिखा कि जब सत्ताधारी दल भ्रष्ट हो जाता है, तो अपने अधिकार के लिए मासूम बच्चों को खुद सड़कों पर उतरना पड़ता है। कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई को बेहद शर्मनाक बताया। पार्टी का कहना है कि जो पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने का दावा करती है, वही कलेक्ट्रेट के बाहर निहत्थे बच्चों को डरा-धमका रही है। 'आप' ने बयान जारी कर कहा कि अब देश जुमलों में आने वाला नहीं है। नई पीढ़ी ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कमान खुद संभाल ली है।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया सैल्यूट
आंदोलनों के जरिए पहचान बनाने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी इन बच्चों के समर्थन में आए हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट में बच्चों के प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर शेयर करते हुए लिखा कि अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे इन बच्चों को मेरा सैल्यूट। वे सिर्फ अपने स्कूल जाने के लिए एक सड़क की मांग कर रहे हैं। क्या आजादी के 80 साल बाद भी यह मांग बहुत ज्यादा है? यह काम तो दशकों पहले हो जाना चाहिए था। आइए, इस 15 अगस्त को संकल्प लें कि ग्रामीण भारत के बच्चों और उनके स्कूलों के लिए काम करेंगे। फिलहाल, इस घटनाक्रम के बाद से हमीरपुर समेत पूरे क्षेत्र में सड़क निर्माण की मांग बेहद तेज हो गई है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

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Written by Shailesh Yadav