Sonam Wangchuk Video: पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके समर्थन में लगातार विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पहुंच रहे हैं। शुक्रवार (17 जुलाई) को कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इससे पहले भी कई विपक्षी नेता उनसे मिल चुके हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर वांगचुक का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह किसी भी हालत में 20 जुलाई तक जिंदा रहेंगे ताकि संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल हो सकें।

'मार्च सफल नहीं हुआ तो भूत बनकर लौटूंगा'

वीडियो में सोनम वांगचुक ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, "मैं किसी भी हालत में 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, ताकि आप सभी के साथ संसद तक मार्च कर सकूं। अगर 20 जुलाई को हमारा मार्च सफल नहीं रहा, तो फिर भूत बनकर वापस आऊंगा।" उनके इस बयान को उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, लेकिन इसके जरिए अपने आंदोलन को लेकर दृढ़ संकल्प भी जताया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।

स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों की चिंता

लगातार 20 दिनों से भूख हड़ताल पर रहने के कारण सोनम वांगचुक की सेहत पर असर साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को डॉक्टर सतीश लांबा ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि उनका वजन घटकर 56.55 किलोग्राम रह गया है। पिछले 24 घंटों में उनके वजन में लगभग 350 ग्राम की कमी दर्ज की गई है। डॉक्टरों के अनुसार शरीर में पानी का स्तर अभी संतोषजनक है, हालांकि हल्का डिहाइड्रेशन देखा गया है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। डॉक्टरों ने पहले ही उन्हें लंबे अनशन के कारण अंगों के प्रभावित होने की आशंका को लेकर सतर्क किया था।

आंदोलन को मिल रहा राजनीतिक समर्थन

वांगचुक के आंदोलन को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है। विभिन्न नेताओं का जंतर-मंतर पहुंचकर उनसे मुलाकात करना इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने का संकेत माना जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

मांगों को लेकर चर्चा

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आंदोलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई जा रही है। हालांकि, यह दावा कि सोनम वांगचुक किसी राजनीतिक दल के साथ मिलकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं या "कॉकरोच जनता पार्टी" नामक किसी संगठन के सदस्य हैं, विश्वसनीय रूप से पुष्ट नहीं है। इसलिए ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना उन्हें तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। फिलहाल, जंतर-मंतर पर उनका अनशन जारी है और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Written By: Geeta Sharma