Sonam Wangchuk Health Update: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन शनिवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। वांगचुक पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनशन पर बैठे थे। उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर गई। पुलिस का कहना है कि यह कदम मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है।
पत्नी ने इलाज को लेकर रखी सख्त शर्त
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद स्पष्ट कहा कि उनकी सहमति के बिना वांगचुक को किसी भी प्रकार का चिकित्सा उपचार नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया है कि उनकी मंजूरी के बिना न तो मुंह के जरिए और न ही नस के माध्यम से कोई दवा, तरल पदार्थ या अन्य उपचार दिया जाए।
आंग्मो ने साझा किया पोस्ट
आंग्मो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी बात साझा करते हुए लिखा कि पिछले 20 दिनों से वांगचुक की सेहत पर नजर रखने वाले डॉक्टरों और परिवार की अनुमति के बिना कोई मेडिकल हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी इच्छा के विरुद्ध कोई उपचार किया जाता है, तो उसके लिए संबंधित सभी लोग जिम्मेदार होंगे।
I am at Safdarjung hospital in Delhi where @Wangchuk66 has been admitted. Nothing should be administered to him orally or intravenous without take consent from me, his family and his doctors who have been monitoring his health for the past 20 days.
— Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) July 18, 2026
अस्पताल में भर्ती करने के फैसले पर उठाए सवाल
गीतांजलि आंग्मो ने वांगचुक को अस्पताल ले जाने के निर्णय पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि शुक्रवार तक उनकी तबीयत स्थिर थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने जैसी कोई तत्काल आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पति के इलाज से जुड़े फैसलों में शामिल किया जाना चाहिए और बिना अनुमति कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों को अपने स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने का अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा
नई दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) ने बताया कि सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार कमजोर हो रही थी। मेडिकल विशेषज्ञों ने उन्हें तत्काल चिकित्सकीय निगरानी में रखने की सलाह दी थी। इसके अलावा, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों के पालन के तहत भी उन्हें अस्पताल ले जाना आवश्यक था।
डीसीपी का बयान
डीसीपी के अनुसार, जब पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जा रही थी, तब कुछ प्रदर्शनकारियों ने इसका विरोध किया और प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की। इससे मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना, लेकिन पुलिस ने संयम बरतते हुए पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से पूरी की।
प्रदर्शनकारियों से आंदोलन समाप्त करने की अपील
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से भी अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना धरना समाप्त कर निर्धारित स्थान को खाली करें। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और न्यायालय के निर्देशों का पालन करना उसकी जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि वांगचुक को अस्पताल ले जाने का उद्देश्य केवल उनकी सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
स्वास्थ्य और आंदोलन दोनों पर बनी नजर
सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। दूसरी ओर, उनके समर्थक और परिवार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उनके अधिकारों और इच्छाओं का सम्मान किया जाए। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल में उनके उपचार को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है और उनके आंदोलन की दिशा क्या होगी।
Written By: Geeta Sharma