मुंबई: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने IIT संस्थानों में छात्रों पर बढ़ते दबाव और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने IIT दिल्ली के 31 वर्षीय एमएससी फिजिक्स छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत को "संस्थागत हत्या" बताते हुए इसे सिस्टम से जुड़ी समस्या करार दिया।
ऋषिकेश कुमार की 22 अगस्त को IIT दिल्ली के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स (LHC) की छठी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और मामले की जांच जारी है।
IIT दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन को समर्थन
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नेहा बोरा ने IIT दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि IIT बॉम्बे में भी पिछले तीन सेमेस्टर में तीन छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं।
नेहा बोरा ने कहा कि IIT जैसे संस्थानों में दाखिले के लिए परिवार अपनी पूरी बचत खर्च करते हैं, लेकिन अगर युवा छात्र आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं तो यह एक गंभीर संस्थागत और प्रणालीगत समस्या को दिखाता है।
परीक्षा व्यवस्था के केंद्रीकरण से छात्रों पर मानसिक दबाव
उन्होंने परीक्षा व्यवस्था के अत्यधिक केंद्रीकरण और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव की आलोचना की। बोरा ने कहा कि एक परीक्षा को किसी छात्र के पूरे भविष्य का फैसला करने वाला नहीं बनाया जाना चाहिए और IIT परिसरों में बढ़ते दबाव व अकेलेपन को कम करने की जरूरत है।
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AISA अध्यक्ष ने महाराष्ट्र में युवाओं से जुड़ने के लिए कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संगठन 26 अगस्त को पुणे और 27 अगस्त को नागपुर में युवाओं से मुलाकात करेगा। साथ ही उन्होंने मुंबई में नेविल डी'सूजा फुटबॉल स्टेडियम को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को भी समर्थन दिया।