India Pakistan Relations: अपनी गिरती साख और आंतरिक संकटों से घिरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी का सहारा लिया है। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इस्लामाबाद में 'यादगार-ए-फतह' स्मारक के उद्घाटन के दौरान उन्होंने भारत को गीदड़भभकी देते हुए कहा कि पाकिस्तान के पानी की "एक-एक बूंद उसकी रेड लाइन है। आंतरिक मोर्चों पर चौतरफा घिरी पाकिस्तानी सरकार अब जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के लिए पुराने घिस-पिटे भारत-विरोधी नैरेटिव का सहारा ले रही है।
भाषण के मुख्य बिंदु और दावे
सिंधु जल संधि के संदर्भ में शहबाज शरीफ ने कहा कि भारत को सही रास्ते पर आना होगा, वरना उसे करारा जवाब दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति चाहता है, लेकिन उसकी इस इच्छा को भारत कमजोरी मानने की भूल न करे।
शहबाज ने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र करते हुए इसे पाकिस्तान की जीत करार दिया और कहा कि भविष्य में संप्रभुता को चुनौती मिलने पर इससे भी बड़ी ताकत से जवाब दिया जाएगा।
मुनीर और ट्रंप की तारीफ में कसीदे
अपने संबोधन में शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी सेना और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की जमकर तारीफ की। उन्होंने मई 2025 में हुए युद्धविराम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का भी जिक्र किया और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वाशिंगटन और इस्लामाबाद के संबंध और मजबूत होंगे। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने मिलकर इस स्मारक का उद्घाटन किया, जिसे सेना की छवि चमकाने के एक जरिए के रूप में देखा जा रहा है।
घर के जलते मुद्दों पर गहराया सन्नाटा
भारत पर निशाना साधने वाले शहबाज शरीफ अपने ही देश के भीतर उबल रहे असंतोष पर पूरी तरह मौन रहे, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में लगातार हो रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों पर उन्होंने एक शब्द नहीं कहा। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी वायुसेना की हालिया एयरस्ट्राइक और आम नागरिकों पर हो रहे अत्याचारों के गंभीर सवालों को वह पूरी तरह से नजरअंदाज कर गए।
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Shailesh Yadav