गौ-रक्षा को लेकर देशभर में यात्रा कर रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गोंडा पहुंचे। यहां उन्होंने राम मंदिर, दान से जुड़े विवाद और बाबा बागेश्वर के बयान को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा निशाना साधा, उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े कथित दान विवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को बचाया जा रहा है।
चंपत राय के इस्तीफे पर उठाए सवाल
शंकराचार्य ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े दान मामले में चंपत राय के इस्तीफे को लेकर केवल बातें कही जा रही हैं, लेकिन इसकी कोई सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है, उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इस्तीफा दिया गया है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। उनके अनुसार, जनता के सामने एक अलग माहौल बनाया जा रहा है, जबकि चंपत राय अभी भी अपने पद पर काम कर रहे हैं।
शंकराचार्य ने लगाया आरोप
शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि चंपत राय को इसलिए संरक्षण दिया जा रहा है क्योंकि वह प्रभावशाली लोगों के लिए उपयोगी हैं। शंकराचार्य ने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें जिम्मेदारी दी, वे आज भी उनका समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि चंपत राय की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सहमति से हुई थी और इसी वजह से उन्हें बचाया जा रहा है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर भी शंकराचार्य ने दी प्रतिक्रिया
बाबा बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर दिए गए बयान पर भी शंकराचार्य ने प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि बाबा बागेश्वर का बयान काफी ईमानदार और संतुलित था। शंकराचार्य के मुताबिक, बाबा ने यह कहकर अपनी बात रख दी कि यदि वह पर्ची निकालकर इस विषय पर कुछ बताएंगे तो उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि जब बड़े मंचों पर रहने वाले लोगों के मन में भी भय है तो आम जनता की स्थिति को समझा जा सकता है।
बृजेश पाठक के बयान पर पलटवार
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा साधु-संतों के राजनीतिक बयान देने पर की गई टिप्पणी पर भी शंकराचार्य ने जवाब दिया, उन्होंने कहा कि भगवा वस्त्र पहनने वालों पर राजनीति करने का आरोप वास्तव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर लागू होता है, उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति बाहर से कुछ और दिखे और अंदर से कुछ और हो, उसे ही कालनेमि कहा जाता है।
गौ-हत्या के मुद्दे पर सरकार को घेरा
शंकराचार्य ने गौ-हत्या के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में गौ-हत्या रोकने के दावों के बावजूद स्थिति चिंताजनक है और इसके लिए वही लोग जिम्मेदार हैं जो इससे जुड़े लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई वास्तविक संन्यासी या गेरुआधारी व्यक्ति इस तरह के कार्यों का समर्थन नहीं कर सकता। वहीं, गोंडा में दिए गए अपने बयान के दौरान शंकराचार्य ने लगातार सरकार की नीतियों और नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए। उनके इन आरोपों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आने की संभावना है।
Written By Toshi Shah