Ayodhya News: सुप्रीम कोर्ट में आज यानी सोमवार को राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले में एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। इस सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार शीर्ष अदालत के समक्ष नई विशेष जांच टीम (SIT) का ब्योरा और अब तक की जांच प्रगति रिपोर्ट पेश करेगी।
बता दें कि 13 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को एक वरिष्ठ IPS अधिकारी की अगुवाई में नई SIT गठित करने का कड़ा निर्देश दिया था। अदालत के आदेश का पालन करते हुए राज्य सरकार ने नई SIT का गठन कर दिया है। आज कोर्ट को बताया जाएगा कि इस नई टीम में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं और अब तक की तफ्तीश में क्या नए तथ्य सामने आए हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने लिए बड़े प्रशासनिक फैसले
एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया जारी है, वहीं दूसरी तरफ मंदिर की व्यवस्था और प्रबंधन को लेकर 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' भी एक्शन मोड में नजर आ रहा है। 22 जुलाई को हुई ट्रस्ट की अहम बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए, मंदिर में पूजा-पाठ और धार्मिक व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए गठित 'धार्मिक समिति' का पुनर्गठन किया गया है। अब इसमें अयोध्या के 5 प्रमुख संतों समेत कुल 9 सदस्य शामिल होंगे. ट्रस्ट ने कामकाज में पारदर्शिता और बेहतर संवाद के लिए एक आधिकारिक प्रवक्ता और एक सचिव नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
CEO चयन के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय
ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। चयन समिति ने योग्य उम्मीदवार के चुनाव के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा था, जिसे ट्रस्टी मंडल ने स्वीकार कर लिया है। CEO नियुक्ति में हो रही देरी को देखते हुए ही फिलहाल सचिव पद के गठन को मंजूरी दी गई। वित्तीय अनियमितताओं और बैंक प्रक्रिया पर ट्रस्ट ने जताई नाराजगी. बैठक के दौरान ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि ट्रस्टी मंडल ने बैंक से जुड़ी अनियमितताओं और बैंक प्रबंधन की ओर से दिखाई गई लापरवाही पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है।
ट्रस्ट का कड़ा रुख
बता दें कि वित्तीय मामलों में सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए ट्रस्ट की 'वित्त समिति' को बैंक के साथ संबंधों और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) पर पुनर्विचार कर जल्द से जल्द कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं बैठक में आगामी सावन के महीने में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ की तैयारियों, खाली पड़े ट्रस्टी पदों को भरने की प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी गहन समीक्षा की गई।
Written by Shailesh Yadav