Pakistan Loan: पाकिस्तान के लिए आर्थिक मोर्चे पर एक राहत भरी खबर आई है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान के पास जमा 5 अरब डॉलर ($5 Billion) की राशि की समयसीमा (डेडलाइन) को 3 साल के लिए आगे बढ़ा (रोलओवर कर) दिया है। इस फैसले से पाकिस्तान पर फिलहाल विदेशी कर्ज तुरंत चुकाने का दबाव काफी कम हो गया है। बता दें कि पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और 'स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान' (SBP) के गवर्नर जमील अहमद ने संसद में इस फैसले की पुष्टि की।

लगातार तीसरी बार मिली राहत
यह लगातार तीसरा मौका है जब सऊदी अरब ने पाकिस्तान को इस तरह की मोहलत दी है। सरल शब्दों में कहें तो पाकिस्तान को यह भारी-भरकम राशि अभी सऊदी अरब को लौटानी नहीं पड़ेगी। हालांकि, जानकारों का मानना है कि बार-बार मिलने वाले इस रोलओवर से साफ होता है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और विदेशी भुगतान व्यवस्था अभी भी बाहरी मदद पर पूरी तरह निर्भर है।

पाकिस्तान के रिजर्व में सऊदी का बड़ा हिस्सा
SBP गवर्नर जमील अहमद के मुताबिक, पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के पास कुल 12 अरब डॉलर की विदेशी जमा राशि (Foreign Deposit) है। इस 12 अरब में से अकेले 8 अरब डॉलर सऊदी अरब के हैं। जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 22.6 अरब डॉलर है, जिसमें से 17.2 अरब डॉलर स्टेट बैंक और 5.4 अरब डॉलर वाणिज्यिक (कमर्शियल) बैंकों के पास हैं।

कर्ज चुकाने की चुनौती जारी
स्टेट बैंक के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में पाकिस्तान को कुल 21.5 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चुकाना है (जो पिछले वित्त वर्ष के 26.5 अरब डॉलर से थोड़ा कम है)। जुलाई 2026 की शुरुआत में ही पाकिस्तान 2.2 अरब डॉलर का भुगतान कर चुका है, जिसके कारण उसका विदेशी मुद्रा भंडार 18.4 अरब डॉलर से घटकर 17.2 अरब डॉलर पर आ गया था। ऐसे में सऊदी अरब का यह फैसला पाकिस्तान के लिए एक बड़ा जीवनदान साबित हुआ है। 

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Written By Shailesh Yadav