China-Iran missiles: चीन और ईरान के बीच गहराते सैन्य संबंधों को लेकर अमेरिका और चीन के बीच एक नया कूटनीतिक तनाव पैदा हो गया है। रॉयटर्स और अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चीन, ईरान को 300 से 400 'मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम' (MANPADS) की आपूर्ति करने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त नाराजगी जताई है, जबकि अमेरिका ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चीनी और हॉन्ग कॉन्ग की कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं।

क्या है मिसाइल डील की पूरी रिपोर्ट?
रिपोर्ट के अनुसार, चीन और ईरान के बीच लगभग 6 से 7 करोड़ डॉलर का रक्षा सौदा हुआ है। ईरान को चीन की QW-12 और FN-16 एयर डिफेंस मिसाइलें मिलने का दावा किया गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि ये सौदा हॉन्ग कॉन्ग आधारित 'झोंगकिंग बाओशांग इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट' नामक कंपनी के जरिए तय हुआ है। QW-12 और FN-16 इन्फ्रारेड-गाइडेड मिसाइलें हैं, जिन्हें सैनिक अपने कंधे पर रखकर आसानी से दाग सकते हैं। ये कम ऊंचाई पर उड़ने वाले फाइटर जेट्स, अटैक हेलीकॉप्टर्स और ड्रोन्स को नष्ट करने में बेहद सटीक मानी जाती हैं। छोटी टीमों द्वारा तेजी से तैनात किए जाने के कारण इन्हें ट्रैक करना मुश्किल होता है।

ट्रंप का दावा और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मई में बीजिंग यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया था कि चीन किसी भी स्थिति में ईरान को हथियार नहीं बेचेगा। ट्रंप ने कहा कि यदि ये रिपोर्ट सही साबित होती हैं तो उन्हें बेहद निराशा होगी।

8 शिपिंग कंपनियों पर बैन
मिसाइल डिलीवरी की रिपोर्ट सामने आते ही अमेरिका के विदेश विभाग ने चीनी और हॉन्ग कॉन्ग की 8 शिपिंग कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये कंपनियां 'शैडो फ्लीट' (गुप्त बेड़े) का हिस्सा बनकर अवैध रूप से ईरानी तेल को चीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तक पहुंचा रही थीं।

पाकिस्तान का रूट और ISPR का इनकार
रिपोर्ट में दावा किया गया कि मिसाइलों की शुरुआती खेप चीन के उरुमची (Urumqi) से हवाई मार्ग से पाकिस्तान पहुंचेगी और वहां से सड़क या हवाई रास्ते से ईरान भेजी जाएगी। हालांकि, इस खबर के आते ही पाकिस्तान की सेना (ISPR) ने तुरंत सफाई दी। ISPR ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि हथियार ट्रांसफर में पाकिस्तान के शामिल होने की खबरें "पूरी तरह से मनगढ़ंत, झूठी और निराधार" हैं। वहीं चीनी विदेश मंत्रालय ने भी इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज करते हुए बेबुनियाद बताया है। 

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 Written By Shailesh Yadav