नई दिल्ली। भारत अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में जुटा है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर मौजूद रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने भारतीय तिरंगा हाथ में लेकर देशवासियों को विशेष शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत और रूस के लंबे समय से चले आ रहे सहयोग और मजबूत साझेदारी को भी रेखांकित किया।
रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
एक वीडियो संदेश में रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने भारत के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और दोनों देशों के बीच दशकों पुराने सहयोग को याद किया। उन्होंने अंतरिक्ष अन्वेषण को भारत-रूस संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार बताया।
अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुबरोव ने कहा, “प्रिय मित्रों, आज भारत गणराज्य अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है।” उन्होंने भारतीय लोगों के लिए शांति और समृद्धि की कामना की।
भारत-सोवियत संघ के बीच मजबूत संबंध
रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने भारत के स्वतंत्रता दिवस को मानव अंतरिक्ष उड़ान से जुड़े एक महत्वपूर्ण पड़ाव से भी जोड़ा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सोवियत अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन के अंतरिक्ष में जाने के 65 वर्ष पूरे हो रहे हैं। गागरिन नवंबर 1961 में भारत आए थे और भारत-सोवियत संघ के बीच मजबूत होते संबंधों के शुरुआती प्रतीकों में से एक बने।
अंतरिक्ष यात्रियों ने गागरिन की भारत की प्रसिद्ध प्रशंसा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा था कि भारत अंतरिक्ष से सुंदर दिखाई देता है, लेकिन धरती पर यह और भी खूबसूरत है, क्योंकि यह “सच्चे दोस्तों” का घर है।
भारत और रूस के बीच अंतरिक्ष सहयोग का इतिहास
रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने भारत और रूस के अंतरिक्ष सहयोग के लंबे इतिहास का भी उल्लेख किया। दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग की शुरुआत 1975 में हुई थी, जब सोवियत संघ ने भारत के पहले उपग्रह आर्यभट्ट को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया था।
इसके करीब एक दशक बाद, 1984 में राकेश शर्मा सोवियत अंतरिक्ष यान सोयूज T-11 से अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बने। उनकी यह उपलब्धि भारत और सोवियत संघ के बीच अंतरिक्ष सहयोग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।
भारत का गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन
रूसी अंतरिक्ष यात्री अन्ना किकिना ने कहा कि अब दोनों देशों की साझेदारी एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन का उल्लेख किया।
गगनयान मिशन की तैयारी के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों, जिन्हें गगनयात्री कहा जाता है, ने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। यह प्रशिक्षण भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन की तैयारियों का हिस्सा है।
इस संदेश में अंतरिक्ष सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रॉसकॉसमॉस, भारत स्थित उसके कार्यालय और ISRO द्वारा आयोजित एक संयुक्त प्रतियोगिता का भी उल्लेख किया गया। प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों की प्रविष्टियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के साथ प्रदर्शित किया गया।
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अंत में अंतरिक्ष यात्री आंद्रे फेद्यायेव ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारतीय तिरंगा लहराते हुए कहा, “भारत-रूस की दोस्ती जिंदाबाद।”
रूसी अंतरिक्ष यात्रियों का यह संदेश भारत और रूस के बीच दशकों पुराने अंतरिक्ष सहयोग और मैत्रीपूर्ण संबंधों की एक खास झलक पेश करता है।
Written By: Pradeep Singh