रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अब खतरनाक मोड़ पर आ गया है। 26 मई, मंगलवार को रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव में रक्षा बुनियादी ढांचे पर लगातार और सुनियोजित हमले करने की खुली चेतावनी दी। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना अब यूक्रेन के उन सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बना रही है,जहां ड्रोन तैयार किए जाते हैं, प्रोग्राम किए जाते हैं और ऑपरेशन के लिए भेजे जाते हैं।

रूस ने NATO विशेषज्ञ पर लगाए गंभीर आरोप

रूस ने यह भी आरोप लगाया कि इन ड्रोनों के संचालन में NATO विशेषज्ञ यूक्रेन की मदद कर रहे हैं और उन्हें खुफिया जानकारी तथा तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।

यूक्रेन के सैन्य ढांचे को निशाना बनाएगा रूस 

रूस की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब यूक्रेन के स्टारोबिलस्क क्षेत्र में अब तक का सबसे घातक ड्रोन हमला हुआ। इस हमले में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई,जबकि 42 अन्य घायल बताए गए हैं। इस घटना के बाद रूस ने कहा कि वह यूक्रेन के सैन्य ढांचे को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाएगा। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार,कीव सरकार रूस के नागरिक ठिकानों और शांतिपूर्ण आबादी पर हमले कर रही है,जिसके जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की जा रही है।

रूस ने दी कीव शहर छोड़ने की सलाह

रूस ने कीव में मौजूद विदेशी नागरिकों और राजनयिकों को शहर छोड़ने की सलाह भी दी है। मंत्रालय ने कहा कि चूंकि सैन्य और प्रशासनिक ठिकाने पूरे शहर में फैले हुए हैं,इसलिए किसी भी समय बड़े हमले हो सकते हैं। रूस ने विदेशी दूतावासों,अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। साथ ही कीव के नागरिकों को सैन्य और प्रशासनिक भवनों के पास न जाने की चेतावनी दी गई है।

अमेरिका और रूस के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत

इस बीच अमेरिका और रूस के बीच भी कूटनीतिक स्तर पर बातचीत तेज हो गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध,द्विपक्षीय संबंधों और ईरान की स्थिति पर चर्चा की। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि बातचीत का अनुरोध रूस की ओर से किया गया था।

रूसी विदेश मंत्रालय का बड़ा दावा

रूसी विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि लावरोव ने अमेरिका को कीव में यूक्रेनी सैन्य ठिकानों पर शुरू किए गए हमलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई रूस के खिलाफ जारी आतंकवादी हमलों के जवाब में की जा रही है। युद्ध के बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ा दी है तथा आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

Written By: Geeta Sharma