कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ‘Gen-Z कनेक्ट’ पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे एक सकारात्मक शुरुआत बताया है। बता दें, यह कार्यक्रम 6 अगस्त को आयोजित होगा, जिसमें RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत जेनरेशन Z और जेनरेशन अल्फा के छात्रों को संबोधित करेंगे। दिपके ने कहा कि युवाओं से संवाद स्थापित करना समय की जरूरत है,लेकिन केवल संवाद पर्याप्त नहीं है।

युवा,शिक्षित और सक्षम चेहरों को आगे बढ़ाना चाहिए: दिपके 

उनका मानना है कि संगठनों और राजनीतिक दलों को नेतृत्व स्तर पर भी युवा,शिक्षित और सक्षम चेहरों को आगे लाने की दिशा में गंभीर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से एक ही नेतृत्व पर निर्भर रहने की बजाय नई पीढ़ी को निर्णय लेने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।

संविधान और वैचारिक राजनीति पर टिप्पणी

आगे अभिजीत दिपके ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने राजनीतिक या वैचारिक जीवन में महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का विरोध किया है,उन्हें आज संविधान पर दूसरों को सीख देने से पहले अपने रुख पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने संविधान की मूल भावना को बनाए रखने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती पर जोर दिया।

CJP की बैठक में संगठन विस्तार पर होगा मंथन

दिपके ने बताया कि उनकी पार्टी की 2 दिवसीय संगठनात्मक बैठक में पिछले आंदोलनों और अभियानों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही देशभर में संगठन के विस्तार, नई रणनीति और भविष्य के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि 6 अगस्त को पार्टी की ओर से विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मारपीट के मामलों और FIR पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए इन्हें केवल 'पब्लिसिटी स्टंट' करार दिया और आरोपों को निराधार बताया।

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E20 पेट्रोल पर उठाए सवाल

E20 पेट्रोल को लेकर भी अभिजीत दिपके ने चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि इस ईंधन के उपयोग से कई वाहनों के इंजन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और माइलेज में भी कमी देखने को मिल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उपभोक्ताओं को शुद्ध 100 प्रतिशत पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा,तो उनसे पूरी कीमत क्यों वसूली जा रही है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

शिक्षा और छात्र आंदोलनों पर समर्थन

शिक्षा के मुद्दे पर दिपके ने कहा कि देश की प्राथमिकता हर गरीब और जरूरतमंद बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने आरक्षण और शिक्षा पर चल रही बहस के बीच यह भी कहा कि अवसरों की समानता तभी संभव है, जब सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले। झारखंड समेत विभिन्न राज्यों में चल रहे छात्र आंदोलनों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को टेंट, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार छात्रों की कई मांगें उचित हैं और उन्हें गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

 

 Written By: Geeta Sharma