CM Hemant Soren on Student Protest: झारखंड में 11 दिनों छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। जिस पर मंगलवार, 4 अगस्त को सीएम हेमंत सोरेन का बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि सरकार संवेदनशील है,सीना चीरकर नहीं दिखा सकता। आपकों बता दें, प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांग झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की CBI से जांच कराने की है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो
इसी मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्रनाथ महतो भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने यह घोषणा भी की है कि जब तक JPSC और JSSC में कथित अनियमितताओं की पूरी तरह जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती,तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
क्या है पूरा मामला ?
14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 19 अप्रैल को आयोजित हुई थी। इसके बाद 21 अप्रैल को मॉडल उत्तर जारी कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी गईं। 2 जुलाई को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया,जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।
सोशल मीडिया पर कुछ ओएमआर शीट वायरल होने लगीं। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि एक अभ्यर्थी ने 100 में से केवल 48 प्रश्नों का उत्तर दिया था,फिर भी उसका चयन हो गया। इन दावों के बाद परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठे और छात्रों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बढ़ते विवाद के बीच 25 से 27 जुलाई के बीच प्रस्तावित मुख्य परीक्षा को स्थगित कर दिया गया।
CID जांच के आदेश, CBI जांच की मांग बरकरार
छात्रों की मांग पर राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए CID को जिम्मेदारी सौंपी है। जांच एजेंसी अनियमितताओं और वायरल ओएमआर शीट की जांच कर रही है। हालांकि प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच केवल CBI से ही संभव है,इसलिए वे अपनी मांग पर कायम हैं।
देवेंद्रनाथ महतो ने सरकार को दी चेतावनी
भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की है कि वे स्वयं आंदोलन स्थल पर आकर छात्रों से बातचीत करें। उन्होंने कहा कि यदि सरकार संवाद नहीं करती है तो मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना है कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका अनशन समाप्त नहीं होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान
पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार इस मामले को गंभीरता और संवेदनशीलता से देख रही है। उन्होंने कहा,मैंने पहले भी कहा है कि सरकार की आंखें और कान हैं। सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है।
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हम कितनी गंभीरता से काम कर रहे हैं, यह मैं सीना चीर कर नहीं दिखा सकता। जिस काम को हम हाथ में लेते हैं, उसे पूरा करते हैं। जांच टीम दिन-रात काम कर रही है और हम उसके निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं। बहुत जल्द छात्रों और राज्य की जनता को पूरी जानकारी दी जाएगी। छात्रों को न्याय मिलेगा और उनकी सभी जायज जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा।
कल्पना सोरेन ने भी दिया भरोसा
मुख्यमंत्री की पत्नी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की नेता कल्पना सोरेन ने भी छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए लगातार काम कर रही है और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उचित निर्णय लेकर विवाद का समाधान करेगी।
छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर
फिलहाल आंदोलन जारी है और छात्र सरकार से ठोस फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर,राज्य सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर CID जांच की रिपोर्ट और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।
Written By: Geeta Sharma