Retirement Corpus: सेवानिवृत्ति कोष (Retirement Corpus) वह कुल जमा धन है। जो नौकरी या काम बंद होने के बाद जीवन के खर्च चलाने के लिए आवश्यक होता है। भारत में इसे मजबूत बनाने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF),राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS),पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और म्यूचुअल फंड प्रमुख साधन हैं। किसी भी इंसान के लिए सेवानिवृत्ति कोष वह जमा धन है जो उनके बुढ़ापे में बड़ी सहायक राशी के तौर पर अहम योगदान साबित होता है। लेकिन अपने रिटायरमेंट फंड को लेकर ज्यादातर लोग इस बात से अंजान रहते हैं कि इसका सही इस्तेमाल किस तरह से किया जाना चाहिए। क्योंकि कोई भी इंसान जब काम करता है, तो वह अपनी रिटायरमेंट प्लान को लेकर पूर्व में कोई कदम नहीं उठाता जिसके कारण उन्हें आगे चलकर पछतावा होता है।

सेवानिवृति कोष का समझिए गणित

सेलरी क्लास पर्सन के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग करना बेहद जरूरी है। इंसान नौकरी एक नियमित आय के दायरे में रहकर ही कर सकता है। लेकिन जब शख्स रिटायरमेंट लेता है तो उस पर खर्च का दबाव ज्यादा होता है। नियमित सैलरी आनी बंद हो जाती है। अगर रिटायरमेंट फंड नहीं रहेगा तो फिर बुढ़ापे में जरूरी चीजों के लिए इंसान को दूसरे पर निर्भर रहना पड़ेगा। आज हम आपको सेवानिवृति कोष का गणित समझाएगे जिससे आप भी अपने आने वाले समय के लिए आर्थिक रूप से मजबूत बने। रिटायरमेंट फंड के गणित में बेहतर लाइफस्टाइल, मंथली खर्च और आपकी उम्र निर्भर करती है। वित्तीय सलाहकारों की माने तो अगर आपके पास आपकी लास्ट सैलरी से 100 गुना फंड रिटायरमेंड के लिए मौजूद है तो 100Xनियम के हिसाब से आपकी रिटायरमेंट के समय जो आपकी मंथली सैलरी होगी उसका कम से कम 100 गुना फंड आपके पास होना चाहिए।

रिटायरमेंट कॉपर्स कम से कम 1 करोड़ रूपये

इसे ऐसे समझा जा सकता है कि आपकी सेवानिवृत्ति के आखिरी समय अगर आपकी मंथली सैलरी 1 लाख रुपये होगी तो आपका रिटायरमेंट कॉपर्स कम से कम 1 करोड़ रूपये का होना चाहिए। लेकिन यह नियम इस सिद्धांत पर काम करेगा। ऐसे में इसका निवेश अगर किसी सुरक्षित साधन के आधार पर किया जाए तो इसकी 5 प्रतिशत दर के हिसाब से आपकी वर्तमान जीवन शैली भी बेहतर ढंग से चलेगी।

कितनी होनी चाहिए आयु सीमा

आयु सीमा के मुताबिक आपकी अगर आपके रिटायरमेंट फंड की बात की जाए तो आपकी उम्र 60 साल होनी चाहिए। जो किसी मासिक सेलरी वाली जॉब में भी होता है। इसके हिसाब से आप कम निवेश करके भी बड़ा रिटायरमेंट फंड बना सकते है। हालांकि इस समय लोग 40 की उम्र तो कुछ 50 की उम्र में भी रिटायर होने की बात करते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग 60 साल का लक्ष्य लेकर चलते हैं।

30 की उम्र से करिए शुरुआत

अगर आपकी सैलरी सालाना 12 लाख है तो आप केवल एक सैलरी यानी 12 लाख रुपये रिटायरमेंट फंड के लिए अलग से रख सकते हैं, जो 60 साल होने मतलब 30 साल बाद 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न के हिसाब से तकरीबन 3.60 करोड़ रूपये बन जाएगी। सीधे तौर पर इस गणित को समझाते हुए बताए तो 30 की उम्र में 12 लाख रूपये आपके जमा हो जाएंगे और रिटायरमेंट की समस्या भी दूर हो जाएगी।

50 की उम्र में रिटायरमेंट फंड का प्लान

इसके लिए आपको 40 की उम्र में रिटायरमेंट फंड के लिए एक मुश्त 36-48 लाख रूपये निवेश करना अनिवार्य है। अगर 50 की उम्र में रिटायरमेंट फंड का प्लान करने तो कमि से कम एकमुश्त 96 लाख रूपये 10 साल के लिए निवेश करना अनिवार्य है। लेकिन यह सारा गणित आखिरी सैलरी 1 लाख रुपये के आधार पर महज एक अनुमानित है।

जानिए रिटायरमेंट फंड का पूरा फॉर्मूला

30 साल सालाना वेतन का 1 गुना
40 साल सालाना वेतन का 4 गुना
50 साल सालाना वेतन का 8 गुना
60 साल सालाना वेतन का 10 गुना

debt या फिक्स्ड डिपाजिट की तरफ शिफ्ट

अगर आप 30 से 40 की उम्र में इक्विटी में अधिक निवेश करते हैं तो इसका सीधा असर कंपाउंडिंग लाभ के तौर पर मिल सकता है। टैक्स बचत के साथ-साथ रिटायरमेंट के लिए एक अनुशासित कॉपर्स बनाने का यह अच्छा साधन है। 50 की उम्र के बाद धीरे-धीरे जोखिम में जाने के बजाय आप फंड को debt या फिक्स्ड डिपाजिट की तरफ शिफ्ट करें।

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