नई दिल्ली: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के उस फैसले पर निशाना साधा है, जिसमें पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के केवल शुरुआती दो छंद गाने का निर्णय लिया गया है।
राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस का वंदे मातरम का सम्मान करने से इनकार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर कोई राष्ट्रगीत का सम्मान करने से इनकार करता है तो उसकी देशभक्ति पर भी सवाल खड़ा होता है।
वंदे मातरम का सम्मान न करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
राजनाथ सिंह ने कहा, "कांग्रेस का वंदे मातरम का सम्मान न करना बल्कि इसका विरोध करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और संवैधानिक दृष्टि से यह गंभीर विषय है। अगर कोई संविधान का पालन करने से इनकार करता है तो उसकी संविधान के प्रति निष्ठा पर सवाल उठता है और अगर कोई राष्ट्रगीत का सम्मान नहीं करता तो उसकी देशभक्ति पर भी प्रश्नचिह्न लग जाता है।"
कांग्रेस ने पहले दो छंद गाने का फैसला लिया
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के 1937 के प्रस्ताव का भी जिक्र किया, जिसका हवाला देते हुए पार्टी ने केवल पहले दो छंद गाने का फैसला लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रस्ताव मुस्लिम लीग की मांगों के दबाव में लिया गया था और आगे चलकर देश ने इसका परिणाम विभाजन के रूप में देखा।
उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी तत्वों के साथ समझौता करना हमेशा देश के लिए नुकसानदायक रहा है और कांग्रेस का इस तरह का कदम भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है।
राजनाथ सिंह ने कहा, "मेरा मानना है कि कांग्रेस का यह फैसला पूरी तरह असंवैधानिक और निंदनीय है। राजनीतिक दृष्टि से यह भविष्य में गंभीर संकट पैदा करने वाला निर्णय साबित हो सकता है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम का विरोध कर कांग्रेस ने देश के सामने अपनी सोच उजागर कर दी है।
कांग्रेस कार्यसमिति ने 1937 के अपने प्रस्ताव का हवाला दिया
गौरतलब है कि बुधवार को कांग्रेस कार्यसमिति ने फैसला किया था कि पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के केवल पहले दो छंद ही गाए जाएंगे। कांग्रेस ने इसके लिए 1937 के अपने प्रस्ताव का हवाला दिया था।
यह भी पढ़ें: पैलेट गन विवाद गरमाया, राहुल गांधी पुलिसकर्मियों पर FIR कराने पहुंचे संसद मार्ग थाने
यह विवाद उस समय और बढ़ गया था जब बीजेपी ने आरोप लगाया था कि 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी संसदीय अध्यक्ष सोनिया गांधी वंदे मातरम के दौरान बातचीत कर रहे थे। बीजेपी ने इस मामले में दोनों नेताओं से सार्वजनिक माफी की मांग की थी।