अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए चढ़ावे और आभूषणों में चोरी के मामले ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर बहस छेड़ दी है। 7 जून को सामने आए इस मामले के बाद जहां जांच एजेंसियां सक्रिय हैं, वहीं विभिन्न राजनीतिक दलों और धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रियाओं से विवाद और गहरा गया है।
'रावण तो आज भी हैं, बस उनका रूप बदल गया है'
इस बीच कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रावण तो आज भी हैं, बस उनका रूप बदल गया है। रावण ने माता जानकी की चोरी की थी, लेकिन राम मंदिर के दान पात्र से लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी हुई है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि इस घटना से करोड़ों लोगों का भरोसा टूटा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है तो जांच आगे बढ़ेगी और दोषियों को कानून के साथ-साथ भगवान के न्याय का भी सामना करना पड़ेगा।
8 आरोपियों को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा
मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को अदालत ने 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों के पास से अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
'आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा'
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे 'धर्मयुद्ध' बताते हुए कथित दोषियों के सामाजिक बहिष्कार की अपील की।
अखिलेश यादव ने राम मंदिर मामले पर दिया बड़ा बयान
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को भाजपा का 'लंकाकांड'बताया, जबकि कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग उठाई है। दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की साजिश करार दिया।
मामले की जांच चल रही है
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की नजरें एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। यह मामला न केवल आर्थिक अनियमितताओं से जुड़ा है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और विश्वास से भी संबंधित माना जा रहा है।
Written By: Geeta Sharma