अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी के अनुसार, नगर कोतवाली प्रभारी ने रविवार को हिंदू धर्म सेना के प्रमुख संतोष दुबे को सीओ सिटी कार्यालय बुलाया, जहां उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसआईटी के तीनों अधिकारियों के सामने अपना बयान दर्ज कराया।

10 से 15 मिनट चली बातचीत

सूत्रों के मुताबिक, करीब 10 से 15 मिनट चली इस बातचीत में संतोष दुबे ने मामले से जुड़े अपने पक्ष को जांच टीम के सामने रखा। एसआईटी ने उनसे इस प्रकरण से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है। इसके जवाब में संतोष दुबे ने जांच टीम को आज यानी सोमवार तक का समय मांगा है, ताकि वह आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत कर सकें।

राम मंदिर के आंदोलन में जुड़े रहे हैं संतोष दुबे

गौरतलब है कि संतोष दुबे अयोध्या के राम मंदिर आंदोलन से जुड़े पुराने कारसेवकों में शामिल रहे हैं। वह लंबे समय से हिंदूवादी गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और वर्तमान में हिंदू धर्म सेना का नेतृत्व कर रहे हैं। हाल के दिनों में राम मंदिर में कथित चढ़ावा अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर वह लगातार सुर्खियों में रहे हैं।

1992 के विवादित ढांचा मामले में भी रहा नाम

संतोष दुबे का नाम 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में भी सामने आया था, उन्हें इस प्रकरण के आरोपियों में शामिल किया गया था।

चढ़ावा मामले में शिकायतकर्ता की भूमिका

राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़ी चोरी का मुद्दा उठाने वालों में संतोष दुबे प्रमुख रहे हैं, उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए राम जन्मभूमि थाने में लिखित शिकायत दी थी। अपनी शिकायत में उन्होंने घोटाले की जांच के साथ आरोपों से जुड़े लोगों की जांच के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग भी उठाई थी।

 

 

Written By Toshi Shah