Rajasthan news : राजस्थान के कोटा में स्थित एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने से कुछ बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई। जिसके बाद उनके परिजनों को स्कूल प्रशासन में सूचना दी। परिजन स्कूल पहुंचे। तकरीबन 27 बच्चे मिड-डे मील खाते ही सिर दर्द और उल्टी आते ही चक्कर आकर गिर गए। सभी बच्चों को न्यू मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। जहां शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। मंत्री ने डॉक्टर को बच्चों की अच्छे से देखरेख करने व बेहतर इलाज देने की बात कही।
क्या बोले शिक्षा मंत्री?
कोटा के पुनिया देवरी स्थित एक सरकारी स्कूल में कथित तौर पर मिड-डे मील खाने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ी। जिसके बाद छात्रों को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। जिला शिक्षा अधिकारी रूप सिंह मीणा ने कोटा के पुनिया देवरी स्थित सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाकर बच्चों की तबीयत खराब हो गई। 27 बच्चे हैं जिन्हें चक्कर,उलटी,सिर दर्द की शिकायत है। मेडिकल कॉलेज में 4 बच्चों को भर्ती किया गया है और 10 बच्चों को ऑबजर्वेशन में रखा गया। हम देख रहे हैं कि किसी भी बच्चे की गंभीर स्थिति न हो। बच्चे अभी सामान्य हैं। हमें देखना होगा कि इस घटना के पीछे का कारण क्या रहा। हम पानी और खाने-पीने से जुड़ी सभी चीजों की जांच करेंगे।
कद्दू की सब्जी खाते ही बिगड़ गई तबीयत
रानपुर थाना क्षेत्र के पूनिया देवरी गांव में स्थित सरकारी स्कूल के बच्चों को स्कूल में मिड-डे मील के खाने में कद्दू की सब्जी मिली। खाना खाने के 2 घंटे बाद बच्चों को उल्टी-दस्त,चक्कर और कमजोरी महसूस होने लगी। तकरीबन 26 से 27 बच्चों की हालत खराब हो गई। बच्चों की बिगड़ती हालत की सूचना उनके माता-पिता को लगी। बच्चों के परिजन न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। जहां बच्चों का इलाज चल रहा है। फिलहाल अस्पताल में 14 बच्चों के भर्ती होने की जानकारी है। अन्य बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। अन्य बच्चों की हालटत में सुधार है।
अधिकारी अस्पताल पहुंचे
सरकार अब मिड डे मील खाने की शुद्धता और बनाने करने की प्रक्रिया के साथ-साथ गुणवत्ता को लेकर सवालों में घिर गई है। बच्चों की हालत बिगड़ने की असली वजह अभी साफ नही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे और बच्चों का स्थिति को देखा। स्कूल में परोसे गए भोजन के सैंपल की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि भोजन में किसी तरह की गड़बड़ी थी या बच्चों की तबीयत बिगड़ने की कोई दूसरी वजह रही।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े होने लाजमी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि, स्कूल में बीते 10 सालों से किसी टीचर का तबादला नहीं हुआ। इसके साथ ही सह सवाल भी उठ रहा है कि मिड-डे मील खाने के बाद इतने बच्चों की तबीयत बिगड़ी और तो स्कूल में शिक्षकों की तबीयत क्यों नहीं बिगड़ी? स्थानीय स्तर पर लंबे समय से स्कूल की व्यवस्थाओं और मिड-डे मील को लेकर सवाल उठाए जाने की बात कही जा रही है।
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