कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद भवन मार्च को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सोमवार, 20 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। शक्ति यादव ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं के साथ दमनात्मक रवैया अपनाया जा रहा है। आरजेडी नेता ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उन्हें बिना देरी के पद छोड़ देना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी का किया जिक्र
अपने पोस्ट में शक्ति यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया और केंद्र सरकार पर सत्ता के अहंकार का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि संसद का सत्र चल रहा है और बाहर छात्रों पर लाठीचार्ज तथा आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने के लिए सरकार कठोर कदम उठा रही है। आरजेडी नेता ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया और कहा कि युवाओं की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
'युवाओं का भी है संसद पर संवैधानिक अधिकार'
शक्ति यादव ने कहा कि संसद केवल सरकार या नेताओं की नहीं, बल्कि देश के नागरिकों की भी संस्था है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी समस्याओं और मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब भी सरकारों ने युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया है, तब जनता ने उसका जवाब दिया है।
NEET, SSC और पेपर लीक मुद्दों पर सरकार को घेरा
आरजेडी नेता ने अपने दूसरे पोस्ट में युवाओं से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने NEET, SSC और पेपर लीक जैसी समस्याओं को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार और शिक्षा से जुड़े सवालों को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई की जा रही है। शक्ति यादव ने कहा कि लाठीचार्ज और इंटरनेट बंद करने जैसे कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं।
'विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है'
शक्ति यादव ने कहा कि विपक्ष छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने दावा किया कि युवाओं की आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। हालांकि, इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार या संबंधित प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का विवरण सामने नहीं आया है। प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर आगे भी सियासी बहस जारी रहने की संभावना है।
Written By: Archana Gupta