लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के बुधवार को कोटा में प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर राजस्थान की राजनीति में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। कार्यक्रम से पहले कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे पर छात्रों की भागीदारी को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं। बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने आरोप लगाया कि कोटा से सांसद और स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के कार्यालय की ओर से कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल संचालकों पर दबाव बनाया जा रहा है, उनके अनुसार संचालकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि उनके संस्थानों के छात्र राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होते हैं तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस पर लगाए आरोप

गहलोत ने कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष को विपक्ष के नेता के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए, उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम को प्रभावित करने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। वहीं, राज्य सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। राजस्थान सरकार में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम (Jawahar Singh Bedham) ने पलटवार करते हुए कहा कि कोचिंग संस्थानों पर दबाव बनाने का काम कांग्रेस के नेताओं द्वारा किया जा रहा है। उनका कहना है कि कांग्रेस पहले से ही ऐसे आरोप लगाकर संभावित आलोचना से बचने की कोशिश कर रही है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने भी गहलोत से किए सवाल

इस विवाद में भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ (Rajendra Rathore)ने भी गहलोत से सवाल किया कि वे किस संवैधानिक या कानूनी आधार पर लोकसभा अध्यक्ष से राहुल गांधी के स्वागत की अपेक्षा कर रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो कांग्रेस को इसके प्रमाण सार्वजनिक करने चाहिए। राठौड़ ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के समय को लेकर भी सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के पुनर्परीक्षा कार्यक्रम से ठीक पहले इस तरह का आयोजन छात्रों की तैयारी को प्रभावित कर सकता है। उनके अनुसार कांग्रेस को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी

बता दें कि कोटा में होने वाले छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर सियासी माहौल गर्म है। कांग्रेस इसे छात्रों की अभिव्यक्ति और संवाद का मंच बता रही है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक उद्देश्य से किया जा रहा आयोजन मान रही है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।

 

Written By Toshi Shah