पासपोर्ट को भारतीय नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण न मानने संबंधी विदेश मंत्रालय के बयान के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। विपक्षी दलों ने सरकार से सवाल किया है कि यदि पासपोर्ट, आधार, पैन कार्ड और वोटर आईडी नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं, तो आखिर भारतीय नागरिक अपनी राष्ट्रीयता साबित करने के लिए किस दस्तावेज़ पर भरोसा करें।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कही ये बात
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो फिर यह किन आधारों पर जारी किया जाता है, उन्होंने कहा कि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया होती है, ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि नागरिकता का मान्य प्रमाण आखिर क्या है, उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रहा है सरकार का रुख- ओवैसी
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार का रुख लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रहा है, उन्होंने कहा कि पासपोर्ट अधिनियम की धारा 6(2)(a) के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिक को ही जारी किया जा सकता है। ऐसे में यदि सरकार यह कहती है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो लोगों के मन में स्वाभाविक रूप से सवाल उठेंगे।
एनसीपी ने भी सरकार पर कसा तंज
एनसीपी (शरद पवार गुट) ने भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पार्टी के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि पहले सरकार ने आधार और वोटर आईडी को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना, अब पासपोर्ट को लेकर भी यही बात कही जा रही है। ऐसे में सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि नागरिकता साबित करने के लिए कौन-सा दस्तावेज़ मान्य है।
तृणमूल ने सरकार के रुख पर जताई असहमति
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने भी विदेश मंत्रालय के रुख पर असहमति जताई उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि नागरिकता के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ स्वीकार्य हैं और किन्हें मान्य नहीं माना जाता।
सरकार ने कही ये बात
वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि इस मामले में कोई नया निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार के अनुसार, पासपोर्ट यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला आधिकारिक दस्तावेज़ है और नागरिकता से जुड़ी कानूनी व्यवस्था लंबे समय से पहले की तरह ही लागू है।
Written By Toshi Shah