पटना : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के लोक भवन मार्च के दौरान पुलिस बल प्रयोग के आरोपों को पटना के पुलिस महानिरीक्षक (IG) जितेंद्र राणा ने खारिज किया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए भीड़ पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, लेकिन पुलिस ने कोई बल प्रयोग नहीं किया।

गांधी मैदान से लोक भवन तक पैदल मार्च

तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को गांधी मैदान से लोक भवन तक पैदल मार्च निकाला। यह मार्च कथित परीक्षा पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों व युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया था।

मीडिया से बातचीत में IG जितेंद्र राणा ने कहा, "गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च खत्म हो चुका है। एक प्रतिनिधिमंडल लोक भवन जा रहा है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था, वे भी लोक भवन के लिए निकल चुके हैं। पुलिस ने बल प्रयोग नहीं किया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।"

राजद के कई कार्यकर्ताओं पुलिस हिरासत में

वहीं, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता तेजस्वी यादव को पुलिस ने पार्टी सांसद मीसा भारती और कई कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उन्हें लोक भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शन मार्च के दौरान रोका।

हिरासत में लिए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार युवाओं और जनता से डर रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार हमेशा के लिए नहीं रहती और RJD छात्रों के अधिकार, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।

तेजस्वी यादव ने कहा, "सरकार युवाओं और जनता से डर रही है। कोई भी सरकार स्थायी नहीं होती, हर सरकार को एक दिन जाना पड़ता है। हमें सभी का समर्थन मिल रहा है। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। हम जेल जाने से नहीं डरते। छात्रों के अधिकार, बेरोजगारी खत्म करने और परीक्षा में पारदर्शिता के लिए हमारी आवाज हमेशा उठती रहेगी।"

छात्र जेल जाने के लिए भी तैयार- मीसा भारती

RJD सांसद मीसा भारती, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था, ने कहा कि बिहार के छात्र जेल जाने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन जब तक सिवान के जिलाधिकारी को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मीसा भारती ने कहा, "बिहार के छात्र जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। सिवान के जिलाधिकारी के निलंबन तक RJD और बिहार की जनता का आंदोलन जारी रहेगा।"

यह मार्च सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 राइफल के इस्तेमाल को लेकर उठे विवाद के बीच निकाला गया। बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि भीड़ में फंसने के बाद एक पुलिस कांस्टेबल ने AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किए थे। सरकार ने कहा कि गोलीबारी में कोई प्रदर्शनकारी घायल नहीं हुआ।

इस मामले में संबंधित पुलिस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है।

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Written By: Pradeep Singh