PM Modi Bengal Rally: पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी माहौल के बीच हुगली नदी में नाव की सवारी कर एक अलग ही संदेश देने की कोशिश की। पहले चरण के मतदान के बाद और दूसरे चरण के प्रचार अभियान के बीच उनकी यह पहल राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुगली में अपनी बोट राइड का एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा, "कल शाम, हावड़ा से कोलकाता तक लंबे रोड शो के दौरान हावड़ा ब्रिज पर था और आज सुबह, हुगली नदी से इसे देखा!" pic.twitter.com/q6dDJszpY5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 24, 2026
प्रधानमंत्री ने स्थानीय नाविकों से की मुलाकात
हुगली नदी में की गई इस नाव यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने स्थानीय नाविकों से मुलाकात की और उनकी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये नाविक न केवल लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते हैं, बल्कि वे बंगाल की जीवंत परंपराओं और संस्कृति के भी वाहक हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कुछ नाविकों से बातचीत की और उनकी जीवनशैली व चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
Some more glimpses from the banks of the Hooghly.
— Narendra Modi (@narendramodi) April 24, 2026
Tried my hand at photographing this great river. Also caught a close glimpse of the Vidyasagar Setu and Howrah Bridge. pic.twitter.com/S6Nq6r2xOc
पीएम मोदी ने साझा की नाव यात्रा कि तस्वीरें
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अनुभव को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। उन्होंने तस्वीरों के साथ लिखा कि गंगा हर बंगाली के दिल में बसती है और यह सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और सांस्कृतिक धारा है जो पूरे प्रदेश की आत्मा में बहती है। उन्होंने गंगा के पवित्र जल को भारत की प्राचीन सभ्यता और उसकी निरंतरता का प्रतीक बताया।
PM मोदी ने हुगली नदी के किनारे की और झलकियां शेयर कीं। PM ने कहा, "इस महान नदी की फोटोग्राफी करने की कोशिश की। विद्यासागर सेतु और हावड़ा ब्रिज की भी पास से झलक मिली।" pic.twitter.com/lLIF1LwS6X
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 24, 2026
इस दौरान प्रधानमंत्री आम जनता से भी रूबरू हुए। घाट के किनारे मौजूद लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कई लोगों ने उनसे हाथ मिलाया और कुछ को प्रधानमंत्री ने गले भी लगाया, जिससे वहां का माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों के साथ उनका यह सीधा संवाद चुनावी माहौल में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
पीएम ने बंगाल की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने की कोशिश की
पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान इस तरह की गतिविधियां अक्सर राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बनती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह नाव यात्रा बंगाल की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने और मतदाताओं के साथ भावनात्मक संबंध स्थापित करने का प्रयास है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी दोहराया कि उनकी सरकार बंगाल के विकास और यहां की जनता की समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और आने वाले समय में इन्हें और गति दी जाएगी।
Written By: Geeta Sharma