प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने प्रसिद्ध पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा (S. Janaki Amma) के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है, उन्होंने कहा कि उनके निधन से भारतीय संगीत और सांस्कृतिक क्षेत्र को ऐसी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। प्रधानमंत्री मोदी ने आज यानी रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि एस. जानकी अम्मा की मधुर आवाज ने कई दशकों तक लोगों के दिलों पर राज किया, उन्होंने अपनी गायकी के माध्यम से अलग-अलग भाषाओं और भावनाओं को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया। पीएम मोदी ने कहा कि उनके गाए गीत आने वाली पीढ़ियों को भी हमेशा प्रेरित और आनंदित करते रहेंगे, उन्होंने दिवंगत गायिका के परिवार, प्रशंसकों और संगीत समुदाय के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
दक्षिण भारत की मशहूर आवाज थीं एस. जानकी
बता दें कि एस. जानकी अम्मा को दक्षिण भारतीय संगीत की सबसे सम्मानित आवाजों में गिना जाता था। प्रशंसक उन्हें प्यार और सम्मान से जानकी अम्मा कहकर बुलाते थे, उन्होंने महज 20 वर्ष की उम्र में संगीत की दुनिया में कदम रखा और अपने लंबे करियर में हजारों यादगार गीतों को अपनी आवाज दी। करीब छह दशक लंबे संगीत सफर के दौरान उन्होंने 48 हजार से अधिक गाने रिकॉर्ड किए। उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी समेत लगभग 20 भाषाओं में अपनी गायकी का जादू बिखेरा।
PM Narendra Modi has condoled the passing of legendary playback singer S. Janaki Amma, calling her demise an "irreparable loss to the world of music and culture".
— ANI (@ANI) July 12, 2026
In his tweet, he wrote, "The passing of the distinguished playback singer S. Janaki Amma is an irreparable loss to… pic.twitter.com/UQPwyIcwNb
1957 में शुरू हुआ था फिल्मी सफर
एस. जानकी ने वर्ष 1957 में तमिल फिल्म 'विधिइन विलायाट्टु' से बतौर प्लेबैक सिंगर अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय फिल्म संगीत में अपनी अलग पहचान बनाई और लगातार कई दशकों तक अपनी आवाज से दर्शकों का मनोरंजन किया, उनकी गायकी की खासियत थी कि वह हर तरह के भाव चाहे खुशी हो, दर्द हो या प्रेम को अपनी आवाज में जीवंत कर देती थीं। यही वजह रही कि उनके गीत अलग-अलग उम्र के लोगों के बीच लोकप्रिय बने रहे।
पद्म भूषण सम्मान लेने से किया था इनकार
साल 2013 में एस. जानकी ने पद्म भूषण सम्मान स्वीकार करने से मना कर दिया था। उन्होंने उस समय अपनी इच्छा जताई थी कि उन्हें भारत रत्न जैसे सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए विचार किया जाना चाहिए। अपने शानदार योगदान के लिए उन्हें चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें संगीत क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले थे। भारतीय संगीत में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
Written By Toshi Shah