ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए पीस डील के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इस डील के बाद होर्मुज स्ट्रेट,जो दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल की आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है। अब फिर से वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोल दिया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में स्थिरता बढ़ी है और कीमतें लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल से घटकर करीब 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं।

भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम कम होंगे या नहीं

हालांकि,भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत कम होंगे या नहीं,इस पर केंद्रीय सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम,प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने से देश में ईंधन के दाम तुरंत कम नहीं किए जा सकते।

'ईंधन की कीमतों पर कई फैक्टर असर डालते हैं'

उन्होंने बताया कि ईंधन की कीमतों पर कई फैक्टर असर डालते हैं, जैसे कच्चे तेल का भारत तक पहुंचने का समय, शिपिंग कॉस्ट, टैक्स सिस्टम और तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति। मंत्री के अनुसार,सस्ता कच्चा तेल होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत तक पहुंचता है, लेकिन जहाजों की आवाजाही और लॉजिस्टिक कारणों से इसमें समय लगता है।

मीडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का असर तेल कंपनियों पर

सुरेश गोपी ने यह भी बताया कि हाल में वैश्विक तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के दौरान तेल कंपनियों पर भारी असर पड़ा था, जिसे देखते हुए सरकार ने बड़ा वित्तीय बोझ खुद उठाया। उन्होंने कहा कि इस कारण केंद्र सरकार को लगभग 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

'देश की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित न हो'

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य सरकार ने ईंधन पर उत्पाद शुल्क घटाकर राजस्व में कमी नहीं की, इसलिए पूरा आर्थिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। केंद्र सरकार का प्रयास है कि तेल कंपनियां भी स्थिर रहें और देश की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित न हो।

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में संभावना कम

कहा जा रहा है कि भले ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई हो, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तुरंत बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है। कीमतों में बदलाव धीरे-धीरे वैश्विक बाजार और सरकारी नीति के अनुसार ही देखने को मिलेगा। इस तरह, ईरान-अमेरिका डील ने वैश्विक तेल बाजार को राहत जरूर दी है, लेकिन भारत में इसका सीधा असर दिखने में अभी समय लग सकता है।

Written By: Geeta Sharma