मीडिल ईस्ट में तनाव अभी भी जारी है। एक बार फिर अमेरिका-इजरायल और ईरान में वार-पलटवार शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि 27 जून, शनिवार को अमेरिकन नेवी और एयरफोर्स के फाइटर जेट ने देर रात होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। वहीं इन हमलों में ईरान के आर्मी बेस को ठिकाना बनाया गया। यूएस आर्मी का ये हमला ईरान की तरफ से ऑयल टैंकर M/T किकू पर किए गए ड्रोन हमले का पलटवार माना जा रहा है।

अमेरिका ने दिया ईरान के हमले का जवाब

बता दें, U.S. Central Command ने एक्स पर पोस्ट किया। पोस्ट में M/T Kiku पर ईरान के ड्रोन हमले के जवाब में U.S. नेवी और एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आस-पास ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले किए।

ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, 'अमेरिका के विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोर करने के ठिकानों और तटीय रडार साइटों पर अटैक किया है, क्योंकि उन्होंने सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया। एक वक्त ऐसा आ सकता है जब हम और समझदारी से काम न ले पाएं, और हमें उस काम को मिलिट्री के जरिए पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े। अगर ऐसा हुआ, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा!'

ईरान ने US के 8 सैन्य ठिकानों पर हमला किया

अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार किया। ईरान ने कुवैत और बहरीन में US के 8 सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। IRGC का यह एक्शन ईरानी सैन्य ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमले के बाद हुआ है।

ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी

वहीं, ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि युद्धविराम का उल्लंघन पीस डील को खतरे में डाल सकता है। उधर, ईरानी हमले को लेकर अब कुवैत अलर्ट मोड पर है। इसके साथ ही कुवैत की सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। क्योंकि सेना ने कहा है कि मुल्क को मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ रहा है। तो ऐसे में हमने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है।

Written By: Geeta Sharma