Johar University ED Raid: रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े परिसरों पर ED की कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने इस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

राजभर ने दावा किया कि जौहर यूनिवर्सिटी पर ED की रेड के लिए अखिलेश यादव और सपा के नेता जिम्मेदार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते कि आजम खान जिंदा रहें। हालांकि, ये राजभर के राजनीतिक आरोप हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अखिलेश यादव और सपा नेता जिम्मेदार

ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी पर हुई ED की कार्रवाई के पीछे अखिलेश यादव और सपा नेताओं की भूमिका है। उन्होंने दावा किया कि कुछ नेता रात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करते हैं और दिन में बीजेपी सरकार की आलोचना करते हैं।राजभर के मुताबिक, ऐसे लोग सरकार को किसी मामले की जांच कराने के लिए कहते हैं और इसके बाद कार्रवाई शुरू हो जाती है। उन्होंने इसी आधार पर जौहर यूनिवर्सिटी पर ED की कार्रवाई के लिए अखिलेश यादव और सपा नेताओं को सबसे ज्यादा जिम्मेदार बताया।राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है जब आजम खान से जुड़े मामलों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहले से ही सियासी बयानबाजी तेज है।

संजय निषाद के आरक्षण वाले बयान पर भी दी सफाई

ओम प्रकाश राजभर ने मंत्री संजय निषाद के आरक्षण से जुड़े बयान पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणी के मुताबिक 27 फीसदी आरक्षण का लाभ कुछ चुनिंदा जातियों तक सीमित रहने की बात सामने आई थी, जबकि दूसरी पिछड़ी जातियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था।राजभर ने कहा कि आरक्षण का लाभ उन वर्गों तक पहुंचना चाहिए जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पीछे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका का जिक्र करते हुए कहा कि आरक्षण का फायदा कमजोर वर्गों को मिलना चाहिए, न कि सिर्फ क्रीमी लेयर को।उनके मुताबिक सरकार की कोशिश समाज के उन वर्गों को आगे लाने की होनी चाहिए जो सामाजिक व्यवस्था में सबसे पीछे हैं।

अखिलेश पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी हमला

राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। उन्होंने आजम खान को लेकर सपा की कथित रणनीति पर सवाल उठाते हुए गैर-यादव पिछड़े वर्गों, खासकर कुर्मी समाज से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया।राजभर ने आरोप लगाया कि सपा से जुड़े कुछ लोग प्रदेश के गैर-यादव पिछड़ों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से कुर्मी समाज का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव से सवाल किया कि उन्हें इस समाज से इतनी नाराजगी क्यों है।अपने पोस्ट में राजभर ने लखनऊ के जानकीपुरम से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया और कुछ स्थानीय लोगों पर जमीन विवाद में दबंगई करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान तोड़फोड़, गाली-गलौज और हवाई फायरिंग जैसी घटनाएं हुईं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

सैफई सिंडिकेट ने कई परिवार उजाड़े

राजभर ने अपने बयान में सपा नेतृत्व पर पुराने राजनीतिक आरोप भी लगाए। उन्होंने 'सैफई सिंडिकेट' का जिक्र करते हुए दावा किया कि सपा की राजनीति के कारण कई परिवार प्रभावित हुए हैं।उन्होंने अखिलेश यादव पर अपने समर्थकों को राजनीतिक तौर पर इस्तेमाल करने और मुश्किल आने पर उनसे दूरी बनाने का आरोप लगाया। आजम खान का उदाहरण देते हुए राजभर ने कहा कि सपा नेतृत्व ने पहले उनका इस्तेमाल किया और बाद में उन्हें अकेला छोड़ दिया।

Written By: Shivashakti Narayan Singh