Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर देश ने 26 निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी। जिन्होंने 22 अप्रैल 2025 को अपनी जान गंवाई थी। इस मौके पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर किया। पोस्ट में लिखा-इस दर्दनाक घटना को कभी भुलाया नहीं जा सकता। आतंकवाद के खिलाफ भारत का संकल्प अडिग है।
'आतंकियों के नापाक मंसूबे कामयाब नहीं होंगे'
प्रधानमंत्री ने आगे लिखा पहलगाम में हुए इस भीषण हमले में जान गंवाने वाले नागरिकों की याद हमेशा देश के दिलों में जीवित रहेगी। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा राष्ट्र इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, "पिछले साल आज ही के दिन पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद कर रहा हूं। उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। मेरी संवेदनाएं उन शोक संतप्त परिवारों के साथ भी हैं जो इस क्षति का सामना कर रहे हैं। एक राष्ट्र के तौर पर,… pic.twitter.com/ATW3rC14fo
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 22, 2026
पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे झुकेगा नहीं और आतंकियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।
'जवाब मिलना तय है'
भारतीय सेना की ओर से भी आतंकियों और उनके सरपरस्तों को खुला संदेश दिया गया है कि अगर भारत के खिलाफ ऐसे घिनौने कदम उठाओगे तो उसका जवाब मिलना तय है। साथ ही भारतीय सेना की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की गई है। इसमें लिखा है-'भारत के ख़िलाफ किए गए कृत्यों का जवाब मिलना तय है।
For acts against #India, the response is assured.
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) April 22, 2026
Justice will be served. Always.#SindoorAnniversary #JusticeEndures #NationFirst pic.twitter.com/w6PRIpp0bM
न्याय ज़रूर मिलेगा। हमेशा।' सेना ने ऑपरेशन महादेव से जुड़ा एक ग्राफिक्स शेयर किया है। जिसमें यह जानकारी दी गई है कि कैसे पहलगाम के कातिलों को जहन्नुम का रास्ता दिखाया गया। ऑपरेशन महादेव में सेना ने पहलगाम में हमला करने वाले आतंकियों को मार गिराया था।
राष्ट्रपति मुर्मू ने पहलगाम हमले के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
पहलगाम हमले के पहली बरसी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया। पोस्ट में लिखा है, 'मैं पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया, "मैं पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। उस जघन्य कृत्य में निर्दोष लोगों की जान जाने का दुखद हादसा हमारी सामूहिक स्मृति में हमेशा के लिए अंकित हो गया है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना… pic.twitter.com/r1PAjn2s8S
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 22, 2026
उस जघन्य कृत्य में निर्दोष लोगों की जान जाने का दुखद हादसा हमारी सामूहिक स्मृति में हमेशा के लिए अंकित हो गया है।'
पर्यटकों ने दी पहलगाम पीड़ितों को श्रद्धांजलि
जम्मू-कश्मीर में गुरेज़ के राज़दान दर्रे पर पर्यटकों के एक समूह ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
#WATCH बांदीपोरा, जम्मू-कश्मीर: गुरेज़ के राज़दान दर्रे पर पर्यटकों के एक समूह ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर हमले की पहली बरसी मनाई गई।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 22, 2026
पर्यटकों के साथ-साथ टूर ऑपरेटर और ड्राइवर भी इस ऊंचे पहाड़ी दर्रे पर इकट्ठा हुए।… pic.twitter.com/Ql3qKf44VE
पर्यटकों के साथ-साथ टूर ऑपरेटर और ड्राइवर भी इस ऊंचे पहाड़ी दर्रे पर इकट्ठा हुए। उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पहलगाम की बायसरन घाटी हुआ था आतंकी हमला
यह हमला जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम की बायसरन घाटी में हुआ था, जहां उस दिन बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे। दोपहर करीब 2:30 बजे आतंकियों ने अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर सेना की वर्दी में आए थे और उन्होंने पहले पर्यटकों से पहचान पत्र मांगे और धर्म पूछकर उन्हें निशाना बनाया। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने आतंकियों को दी पनाह
हमले के तुरंत बाद आतंकी घने जंगलों का फायदा उठाकर फरार हो गए। सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें हेलीकॉप्टर और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह सामने आया कि आतंकी पीर पंजाल पर्वतमाला की ओर भागे थे, जहां उन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। साथ ही कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत भी सामने आई, जिन्होंने आतंकियों को पनाह देने में मदद की।
हाशिम मूसा था पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड
जांच एजेंसियों ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का हाथ बताया। सूत्रों के मुताबिक, इस हमले का मास्टरमाइंड सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा था, जो पाकिस्तान की स्पेशल सर्विस ग्रुप का पूर्व कमांडो रह चुका था। इसके अलावा पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स की भूमिका भी सामने आई।
घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए थे
इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। घटना के समय बायसरन घाटी में सुरक्षा बलों की अनुपस्थिति को बड़ी चूक माना गया। नजदीकी CRPF बेस करीब 4-5 किलोमीटर दूर था, जिसके कारण जवानों को घटनास्थल तक पहुंचने में 40-45 मिनट का समय लग गया।
सरकार ने की थी आतंकियों के ठिकानों पर कार्रवाई
हमले के बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए आतंकियों के ठिकानों पर कार्रवाई की और जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले की कड़ी निंदा हुई और कई देशों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ एकजुटता दिखाई।
पहलगाम हमला एक मानवीय त्रासदी
पहलगाम हमला न केवल एक मानवीय त्रासदी था, बल्कि इसने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की आवश्यकता को भी उजागर किया। पहली बरसी पर देश एक बार फिर उन पीड़ितों को याद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ अपनी एकजुटता और संकल्प को दोहराता नजर आया।
Witten By: Geeta Sharma