भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर पुरी की ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथ यात्रा को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage of Humanity) की सूची में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में बताया कि श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA), पुरी द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। नामांकन के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज और निर्धारित प्रारूप में सामग्री तैयार कर मंत्रालय को उपलब्ध करा दी गई है।

उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, समावेशिता, आध्यात्मिक परंपरा, शिल्पकला, संगीत, नृत्य और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि सदियों से आयोजित होने वाला यह भव्य उत्सव दुनिया भर से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है तथा भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत के सबसे स्थायी प्रतीकों में से एक है।

उन्होंने कहा कि यदि रथ यात्रा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में स्थान मिलता है, तो इससे भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी और उनके संरक्षण एवं संवर्धन में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें: उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री माझी ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप करते हुए अनुरोध किया कि इस प्रस्ताव की जल्द समीक्षा कर इसे प्राथमिकता के आधार पर यूनेस्को के समक्ष आगे बढ़ाया जाए।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ओडिशा सरकार और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) इस पूरी प्रक्रिया के दौरान संस्कृति मंत्रालय को हर आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराएंगे।

Written By: Pradeep Singh