Draupadi Murmu: राष्ट्रपति भवन में उज्बेकिस्तान से आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए भारत की राष्ट्रपति ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सदियों पुराने संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल आधुनिक कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनकी जड़ें प्राचीन व्यापारिक मार्गों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और साझा सभ्यतागत विरासत में गहराई से जुड़ी हुई हैं।
राष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच वास्तुकला, भाषा, खान-पान, संगीत और धार्मिक परंपराओं जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से समानताएं रही हैं। इन साझा सांस्कृतिक तत्वों ने दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ और विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यही ऐतिहासिक जुड़ाव वर्तमान समय में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत आधार प्रदान करता है।
व्यापार और आर्थिक सहयोग की बढ़ती संभावनाएं
राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख नेताओं की भागीदारी और यात्रा के दौरान आयोजित भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार मंच का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच बढ़ते विश्वास का संकेत है। उन्होंने कहा कि भारतीय और उज्बेकिस्तानी कंपनियां एक-दूसरे के बाजारों में नए अवसर तलाश रही हैं और आर्थिक सहयोग लगातार विस्तार कर रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से खनन क्षेत्र, दुर्लभ मृदा खनिजों (Rare Earth Minerals), कृषि, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इन क्षेत्रों में साझेदारी दोनों देशों की आर्थिक प्रगति को गति देने के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी विकास को भी मजबूत कर सकती है।
शिक्षा और मानव संसाधन विकास में मजबूत साझेदारी
राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि उज्बेकिस्तान के 3,000 से अधिक अधिकारी, पेशेवर और विद्यार्थी भारत के भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम तथा अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों ने दोनों देशों के बीच ज्ञान और कौशल के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि 16,000 से अधिक भारतीय विद्यार्थी वर्तमान में उज्बेकिस्तान में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ये विद्यार्थी दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं।
भविष्य के लिए मजबूत साझेदारी का संकल्प
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि इस यात्रा के दौरान हुई चर्चाएं भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मित्रता, विश्वास और सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी। दोनों देशों ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ती साझेदारी यह दर्शाती है कि दोनों देश ऐतिहासिक रिश्तों को आधुनिक आर्थिक, तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से भविष्य की मजबूत साझेदारी में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
Written By: एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती
Edited By: Geeta Sharma