गौतम गंभीर को हेड कोच बनाए जाने के बाद से टीम इंडिया का प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। गंभीर को साल 2024 में टीम इंडिया का मुख्य को नियुक्त किया गया था और पहले ही दौरे में श्रीलंका से वनडे सीरीज गंवानी पड़ी थी। इसके बाद न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से भारत को घरेलू श्रृंखला में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था।

हालांकि, गंभीर के कार्यकाल में भारत आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे दो बड़े टूर्नामेंट जीत चुका है, लेकिन मजबूत टीमों के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में अभी भी संघर्ष कर रहा है। इस वाकया पर भारत के पूर्व खिलाड़ी ने बड़ा बयान दिया है।

गंभीर के कोचिंग करियर में बड़ा दाग

गंभीर के अंडर भारत व्हाइट बॉल क्रिकेट में इतिहास रच रहा है तो लाल गेंद के खेल में टीम सिर्फ संघर्ष कर रही है। गंभीर के कार्यकाल में भारत न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से घरेलू टेस्ट सीरीज हार चुका है।

टेस्ट क्रिकेट को लेकर भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने कहा कि गंभीर के कोचिंग करियर पर सबसे बड़ा दाग यही टेस्ट सीरीज हार हैं।

साथ ही उन्होंने कुछ खिलाड़ियों के साथ गंभीर द्वारा किए गए व्यवहार पर भी सवाल उठाए। वसीम जाफर ने अफने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘’सीमित ओवरों के क्रिकेट में गंभीर की उपलब्धियों पर सवाल नहीं उठाए जा सकते, लेकिन कुछ खिलाड़ियों के साथ फैसले बेहतर तरीके से लिए जा सकते थे।’’

सूर्या-शमी को नहीं मिल रहा मौका 

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव को न सिर्फ कप्तानी से हटा दिया गया, बल्कि टीम इंडिया से भी ड्रॉप कर दिया। वहीं, मोहम्मद शमी काफी लंबे समय से टीम इंडिया में वापसी की कोशिश कर रहें हैं, लेकिन गंभीर अनुभव को दरकिनार करके युवाओं में निवेश करने का फैसला कर चुके हैं। शायद रही कारण है कि घरेलू क्रिकेट में विकेटों की झड़ी लगाने के बावजूद मोहम्मद शमी को गंभीर और अजीत अगरकर मौका नहीं दे रहे हैं।

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गंभीर को ज्यादा दोष नहीं दूंगा- जाफर

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने सूर्यकुमार यादव और मोहम्मद शमी को लेकर कहा, ’कुछ खिलाड़ियों को बेहतर ट्रीटमेंट मिल सकता था। जैसे सूर्यकुमार यादव , जिन्हें टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम से बाहर कर दिया गया। इसके अलावा मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ियों के मामले में भी चीजें बेहतर हो सकती थीं। लेकिन सीमित-ओवरों के खेल में मैं गंभीर को अधिक दोष नहीं दूंगा।'

बता दें कि, गंभीर के कार्यकाल में जिस-जिस कप्तान ने आईसीसी ट्रॉफी दिलाई है, उनको अगली सीरीज में कप्तानी से हटा दिया गया है। पहले रोहित को चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद कप्तानी से हटाया तो टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद सूर्या को कप्तानी और टीम दोनों से हटा दिया।

गंभीर के करियर से नहीं छूटेगा ये दाग

अपने यूट्यूब चैनल पर मुंबई के पूर्व सर्वश्रेष्ठ प्रथम श्रेणी बल्लेबाज ने कहा, ‘’घरेलू सरजमीं पर न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से मिली शर्मनाक हार गंभीर के रिकॉर्ड में हमेशा रहेगी। दो बार विदेशी टीमों से क्लीन स्वीप करवाने का मलाल हमेशा उनके साथ रहने वाला है।’’

बता दें कि, भारत ने गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से एक भी आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल नहीं खेला है। जबकि उनके मुख्य कोच बनने से पहले आयोजित हुए दोनों संस्करण में भारत ने फाइनल खेला था, लेकिन वह जीत नहीं पाया था। मगर इस बार टीम इंडिया मौजूदा अंक तालिका में 5वें स्थान पर है।

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