Noida Water Crisis News: नोएडा जैसे आधुनिक शहर में जहां ऊंची-ऊंची इमारतें विकास की कहानी कहती हैं, वहीं एक ऐसी भी सेक्टर है जहां पर करीब 400 परिवार आज भी पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझ रहे हैं। पिछले करीब एक महीने से पेयजल आपूर्ति नहीं होने के कारण यहां के लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है। हालात इतने बदतर हैं कि मासूम बच्चों को भी गंदे नाले के पास जाकर पानी जुटाना पड़ रहा था।

कौन सा सेक्टर है?
सेक्टर 78 स्थित वाल्मीकि बस्ती के लगभग 400 परिवार पिछले एक महीने से गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। पेयजल की आपूर्ति न होने के कारण स्थानीय निवासी पास के एक गंदे नाले के नीचे से गुजर रही गंगाजल और नोएडा अथॉरिटी की लीकेज पाइपलाइन से पानी भरने को मजबूर थे। हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई कि छोटे-छोटे बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर नाले में उतरते थे और रिसाव से पानी इकट्ठा करते थे। 6 साल के राजा और सोनम जैसे मासूमों ने बताया कि वे रोज़ सुबह-शाम खाना पकाने, पीने और कपड़े धोने के लिए इसी दूषित स्रोत से पानी ले जाते थे।

बुलडोज़र की मदद से बंद कर दिया गया
रिपोर्ट उजागर होने के बाद, नोएडा अथॉरिटी की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लीकेज वाली पाइपलाइन को पूरी तरह सील कर दिया। इसके अलावा, नाले के आसपास बने अन्य अनधिकृत पानी के स्रोतों को भी बुलडोज़र की मदद से बंद कर दिया गया।

अथॉरिटी ने सुरक्षा के लिहाज से पाइपलाइन का रिसाव तो बंद कर दिया है, लेकिन बस्ती के लिए फिलहाल किसी वैकल्पिक जलापूर्ति (जैसे टैंकर व्यवस्था) की घोषणा नहीं की है। इसके चलते 400 से अधिक परिवारों के सामने पीने के पानी का संकट और भी गहरा गया है। 

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Written by Shailesh Yadav