UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक पार्टी के भीतर बैठकों और रणनीतिक मंथन का दौर जारी है। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उत्तर प्रदेश के सांसदों से एक-एक करके मुलाकात कर रहे हैं और उनके लोकसभा क्षेत्रों की जमीनी स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। पार्टी का फोकस आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने, स्थानीय स्तर की चुनौतियों को समझने और विपक्ष की रणनीति का जवाब तैयार करने पर है।

25 से ज्यादा सांसदों से मुलाकात
सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन अब तक उत्तर प्रदेश के 25 से ज्यादा भाजपा सांसदों के साथ वन-टू-वन बैठक कर चुके हैं। इन बैठकों में प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों से जुड़े सांसद शामिल हैं। बचे हुए सांसदों से भी जल्द मुलाकात किए जाने की संभावना है। बैठकों के दौरान सांसदों से उनके लोकसभा क्षेत्रों की जमीनी स्थिति, स्थानीय समस्याओं, संगठन की सक्रियता और जनता के बीच पार्टी को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले यह फीडबैक भाजपा की रणनीति तैयार करने में अहम माना जा रहा है।

विपक्ष को घेरने के लिए नए नैरेटिव पर मंथन
भाजपा आगामी चुनाव में विपक्षी दलों को बैकफुट पर रखने की रणनीति पर भी काम कर रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बुधवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े के साथ बैठक की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा सपा और कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों और संभावित चुनावी नैरेटिव का भी आकलन कर रही है। Gen-Z और मंदिर से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष की राजनीतिक घेराबंदी के बीच भाजपा अपनी रणनीति और जवाबी नैरेटिव तैयार करने में जुटी है।

दिल्ली में तेज हुआ यूपी पर मंथन
इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन चार और पांच जून को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे थे। इस दौरान संगठन की कार्यसंस्कृति और चुनावी तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई थी। अब दिल्ली में यूपी को लेकर लगातार हो रही बैठकों से साफ है कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सक्रिय हो गई है। पार्टी का लक्ष्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ विपक्ष की रणनीति का प्रभावी जवाब तैयार करना है।

जातीय समीकरण से लेकर स्थानीय मुद्दों तक फोकस
उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में जातीय समीकरण, स्थानीय मुद्दे और संगठन की सक्रियता बेहद अहम माने जाते हैं। ऐसे में भाजपा सांसदों से सीधे फीडबैक लेकर यह समझने की कोशिश कर रही है कि अलग-अलग क्षेत्रों में जनता के बीच कौन से मुद्दे प्रभावी हैं और किन क्षेत्रों में संगठन को और मजबूत करने की जरूरत है। नितिन नवीन की सांसदों के साथ लगातार बैठकें और दिल्ली में प्रदेश नेतृत्व की उच्चस्तरीय बैठकें संकेत दे रही हैं कि भाजपा 2027 की चुनावी तैयारियों को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। आने वाले दिनों में इन बैठकों से निकलने वाली रणनीति उत्तर प्रदेश की सियासत की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। 

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Written by Shailesh Yadav