TCS Nashik case: नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले के सामने आने के बाद कंपनी प्रबंधन ने सख्त कदम उठाए हैं। इस केस में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं फरार आरोपी निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नासिक जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है।
मामले की कड़ी बनी निदा खान, गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं बड़े राज
पुलिस के मुताबिक इस मामले में निदा खान एकमात्र महिला आरोपी है, जो अब तक गिरफ्तारी से बची हुई है। इस केस से जुड़े कुल नौ मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें छह पुरुष आरोपियों की भूमिका सामने आई है। सूत्रों का कहना है कि TCS में काम के दौरान वह अन्य संदिग्धों के संपर्क में आई और उसे इस कथित नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी से मामले की कई परतें सामने आ सकती हैं।
SIT की कार्रवाई तेज, निदा खान की तलाश जारी
जांच के लिए गठित SIT लगातार निदा खान को ढूंढने में जुटी हुई है। पुलिस ने नासिक और ठाणे के कई इलाकों में छापेमारी की, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि उसका मोबाइल फोन बंद या नेटवर्क से बाहर है, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस को शक है कि वह भूमिगत हो गई है।
गर्भवती होने का दावा कर अग्रिम जमानत की मांग, कोर्ट पर टिकी नजर
इस बीच एक अहम जानकारी सामने आई है कि निदा खान गर्भवती है और इसी आधार पर उसने अदालत में अग्रिम जमानत की मांग की है। अब सुनवाई में यह तय होगा कि उसे राहत मिलती है या पुलिस को पूछताछ के लिए हिरासत की अनुमति मिलती है। वहीं, मामले में पहले ही दो आरोपियों रजा रफीक मेमन (35) और शफी बिखान शेख (36) को 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा जा चुका है। कुल मिलाकर अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला कर्मचारी शामिल हैं।
2021 में टीसीएस से जुड़ी, अब निलंबन की कार्रवाई
निदा खान ने 27 दिसंबर 2021 को TCS जॉइन किया था और वह प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं। मामले के सामने आने के बाद कंपनी ने उन्हें निलंबित कर दिया है। कंपनी के पत्र में कहा गया है कि गंभीर आरोपों और पुलिस हिरासत की स्थिति को देखते हुए वह अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ हैं, इसलिए उन्हें अस्थायी रूप से सस्पेंड किया जा रहा है। साथ ही, उनसे कंपनी की संपत्ति तुरंत वापस करने और अगले आदेश तक किसी भी कार्यालय में रिपोर्ट न करने या वर्क फ्रॉम होम की अनुमति न लेने को कहा गया है।
Written By - Namita Verma