मुंबई। अभिनेत्री और CINTAA अध्यक्ष पूनम ढिल्लों ने Cine and TV Artistes' Association (CINTAA) सिंटा में चल रहे विवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने ऊपर पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों को लेकर कहा कि उनकी आत्मसम्मान और ईमानदारी उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
पूनम ढिल्लों ने ANI से बातचीत में कहा कि विवाद उस समय शुरू हुआ, जब कुछ लोगों को कानूनी प्रक्रिया के जरिए मनमुताबिक नतीजे नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने CINTAA के सदस्यों पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की और असफल रहने पर उनके और अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे (Padmini Kolhapure) के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए।
उस समय चुप रहना बेहतर समझा
उन्होंने कहा कि आरोप बेहद आपत्तिजनक और आहत करने वाले थे। पूनम ने दावा किया कि अगर वे चाहतीं तो संबंधित लोगों के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई भी कर सकती थीं, लेकिन उन्होंने उस समय चुप रहना बेहतर समझा।
पूनम ढिल्लों ने कहा, “मेरी आत्मसम्मान और मेरी ईमानदारी बहुत महत्वपूर्ण है। हमने वर्षों की मेहनत, अपने व्यवहार, गरिमा और लोगों के साथ रिश्तों के जरिए अपनी प्रतिष्ठा बनाई है।”
उन्होंने कहा कि वह किसी भी कीमत पर अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगी। साथ ही उन्होंने CAWT के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आंतरिक विवाद का सबसे ज्यादा नुकसान CINTAA के सदस्यों को हुआ है।
‘हम CINTAA के लिए कुछ सकारात्मक करना चाहते थे’
पूनम ने कहा कि उनके और पद्मिनी कोल्हापुरे को संगठन के काम के दौरान ज्यादा प्रमुखता मिलने पर भी सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि दोनों अपनी निजी जान-पहचान और संपर्कों का इस्तेमाल CINTAA के कलाकारों के लिए सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि कुछ लोगों की चिंता इस बात तक सीमित रह गई कि किसकी तस्वीर प्रकाशित हुई और किसे ज्यादा महत्व मिला।
WhatsApp संदेशों को लेकर भी जताई नाराजगी
पूनम ने बताया कि CINTAA के कुछ सदस्यों के बीच उनके खिलाफ आपत्तिजनक WhatsApp संदेश और वॉइस नोट्स भी प्रसारित किए गए। उन्होंने कहा कि इन संदेशों से उन्हें काफी ठेस पहुंची।
उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर का जिक्र करते हुए कहा कि वह चार दशक से ज्यादा समय से इंडस्ट्री का हिस्सा हैं और उन्होंने वर्षों की मेहनत से अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान बनाया है।
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इस विवाद के बीच सिंटा की कार्यकारिणी के आठ सदस्यों-हेमंत पांडे, मुकेश ऋषि, साहिला चड्ढा, हेता परमार, पुनीत इस्सर, विंदू दारा सिंह, विकास वर्मा और दीपक पाराशर-ने इस्तीफा दे दिया है। इन इस्तीफों को सिंटा की महासचिव उपासना सिंह को सौंपा गया।
Written By: Pradeep Singh