कोलकाता। पद्म भूषण से सम्मानित अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने खुलासा किया कि उन्हें कोलकाता फिल्म फेस्टिवल में आमंत्रित नहीं किया गया। हालांकि, वह बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी के अवसर पर होने वाले समारोहों की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में शामिल हुए थे।
मीडिया से बातचीत के दौरान मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, “मुझे फिल्म फेस्टिवल में आमंत्रित नहीं किया गया।” उन्होंने इसकी तुलना अपनी आगामी मॉस्को यात्रा से करते हुए कहा, “मैं अब मॉस्को जा रहा हूं। शायद वहां वे मुझे बुलाएंगे। वे मुझे मॉस्को फिल्म फेस्टिवल में आमंत्रित कर रहे हैं... लेकिन यहां बंगाल में मुझे नहीं बुलाया गया।”
‘डिस्को डांसर’ अभिनेता ने व्यंग्यात्मक अंदाज में यह भी कहा कि शायद उन्हें इसलिए नजरअंदाज किया गया क्योंकि उन्होंने बंगाली सिनेमा में अपेक्षाकृत कम काम किया है। उन्होंने कहा कि शायद आयोजकों की नजर में वह “बहुत छोटे कलाकार” हैं। मिथुन ने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे कई लोगों को बार-बार आमंत्रित किया जाता है, जिनका बंगाल से सीधा संबंध नहीं है।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बंगाली सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी के अवसर पर सालभर चलने वाले कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं।
निर्देशक और अभिनेता गौतम घोष ने बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह एक यादगार शाम थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने फिल्म जगत से जुड़े लोगों के साथ उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी को लेकर बैठक की और आगामी फिल्म फेस्टिवल की तारीख 16 दिसंबर घोषित की।
अभिनेता जिशु सेनगुप्ता ने कहा कि बैठक में शामिल लोगों से समारोहों को लेकर सुझाव मांगे गए हैं। उन्होंने कहा, “आज उनसे इस बारे में सुझाव देने के लिए कहा गया है, इसलिए हमें इस पर सोचने के लिए थोड़ा समय चाहिए। जब सब तय हो जाएगा, तो हम अपने सुझाव ईमेल के जरिए भेज सकते हैं। मुझे लगता है कि फिल्म फेस्टिवल इस साल दिसंबर में आयोजित होगा।”
शताब्दी वर्ष में सालभर चलेंगे समारोह
अभिनेता अबीर चटर्जी ने सालभर चलने वाले समारोह की योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा, “मैं अपने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने महानायक उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी के लिए सालभर चलने वाले समारोह की योजना बनाई है। उन्होंने फिल्म उद्योग से जुड़े प्रमुख लोगों से सुझाव भी मांगे हैं। इसे एक उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए।”
अभिनेत्री ममता शंकर ने भी इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने जो कहा, उससे मैं बहुत खुश हूं। हमारे बीच चाहे कितने भी मतभेद हों, हमें फिल्म उद्योग की बेहतरी के बारे में सोचना चाहिए।”
भाजपा नेता रूपा गांगुली ने कहा कि उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि आयोजन समिति फिल्म जगत से जुड़े लोगों के सुझाव जुटा रही है।
गांगुली ने कहा, “हम महान अभिनेता उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी मना रहे हैं। यह आयोजन बड़े उत्साह और पूरी योजना के साथ किया जा रहा है। सरकार ने एक प्रस्तुति तैयार की है और सभी से सुझाव लिए जा रहे हैं। आयोजन समिति के सदस्य यह जानने के लिए सभी के विचार जुटा रहे हैं कि सालभर चलने वाले कार्यक्रम को किस तरह तैयार किया जाए। हमारा उद्देश्य उत्तम कुमार की कार्यशैली और जिस तरह उन्होंने धीरे-धीरे और व्यवस्थित तरीके से स्टारडम हासिल किया, उसे सामने लाना है।”
गांगुली ने दिल्ली में हुई घटनाओं को लेकर भी अलग से टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वहां जो हुआ वह “बहुत ज्यादा योजनाबद्ध” था और एक बड़े अभियान का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि छात्रों को यदि उचित तरीके से विरोध करना है तो उन्हें ऐसा जरूर करना चाहिए, लेकिन अगर इसके पीछे कोई छिपा हुआ एजेंडा है, तो वह देश के हित में नहीं होगा।
उत्तम कुमार: बंगाली सिनेमा के महानायक
उत्तम कुमार का जन्म 3 सितंबर 1926 को अरुण कुमार चटर्जी के रूप में हुआ था। वह अभिनेता होने के साथ-साथ निर्देशक और निर्माता भी थे और बंगाली सिनेमा के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में गिने जाते हैं।
अपने शुरुआती करियर में उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं, जिसके चलते उन्हें ‘फ्लॉप मास्टर जनरल’ तक कहा जाने लगा था। वर्ष 1952 में बसु परिवार ने उनके करियर की दिशा बदली। इसके बाद 1953 में आई साढ़े चौहत्तर ने उन्हें बड़े स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। इसी दौर में अभिनेत्री सुचित्रा सेन के साथ उनकी मशहूर जोड़ी बनी।
उत्तम कुमार और सुचित्रा सेन की जोड़ी बंगाली सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित रोमांटिक जोड़ियों में शामिल हुई। दोनों ने अग्नि परीक्षा, हरानो सुर और सप्तपदी जैसी यादगार फिल्मों में काम किया।
रोमांटिक भूमिकाओं में अभिनय क्षमता साबित
उत्तम कुमार ने रोमांटिक भूमिकाओं से आगे भी अपनी अभिनय क्षमता साबित की। सत्यजीत रे की वर्ष 1966 में आई फिल्म नायक में उनके अभिनय को विशेष रूप से सराहा गया।
वर्ष 1967 में उन्होंने एंथनी फिरंगी और चिड़ियाखाना में अपने अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान हासिल किया। वह इस पुरस्कार के पहले विजेता थे। उत्तम कुमार का निधन 24 जुलाई 1980 को 53 वर्ष की आयु में हुआ। आज भी उन्हें बंगाली सिनेमा के सबसे महान और प्रभावशाली कलाकारों में से एक माना जाता है।
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Written By: Pradeep Singh