मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला किया है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, देश की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने कहा है कि युद्धविराम के उल्लंघन के जवाब में यह कदम उठाया गया है। सैन्य नेतृत्व ने चेतावनी दी कि यदि हमले जारी रहे तो आगे और कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं।

स्थिति और गंभीर हो सकती है-सेना

सेना के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाया गया प्रतिबंध केवल शुरुआती प्रतिक्रिया है। अधिकारियों का कहना है कि विरोधी पक्ष द्वारा सैन्य कार्रवाई नहीं रोकी गई तो क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

दो बच्चों सहित लोगों की मौत

यह घटनाक्रम दक्षिणी लेबनान में हुए हालिया इजरायली हमलों के बाद सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में दो बच्चों सहित कम से कम 16 लोगों की मौत हुई। उल्लेखनीय है कि इजरायल और लेबनान ने हाल ही में संघर्ष विराम पर सहमति जताई थी, लेकिन ताजा घटनाओं ने उस समझौते की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए खख्त बयान

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भी शुक्रवार को एक सख्त बयान दिया था, उन्होंने कहा कि बातचीत की पहल अमेरिका की ओर से नहीं बल्कि ईरान की ओर से हुई थी। ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि समझौते की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती है तो अमेरिका आर्थिक दबाव बनाए रखेगा और ईरान को किसी प्रकार की वित्तीय राहत नहीं दी जाएगी।

विश्लेषकों ने कही ये बात

विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही वास्तव में प्रभावित होती है, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, ऊर्जा कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है।

 

 

Written By Toshi Shah