देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और राशन व्यवस्था में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा जारी किया है। जिसमें अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत राशन वितरण के तरीके में महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत बनाना और लाभार्थियों के बीच अधिक समानता सुनिश्चित करना है।

संख्या के अनुसार राशन का निर्धारण किया जाएगा

वर्तमान व्यवस्था के तहत अंत्योदय अन्न योजना में शामिल प्रत्येक पात्र परिवार को हर महीने 35 किलोग्राम खाद्यान्न प्रदान किया जाता है। नई व्यवस्था में इसे बदलकर प्रति व्यक्ति 7 किलोग्राम अनाज प्रति माह देने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी परिवार को मिलने वाले राशन की अधिकतम सीमा 35 किलोग्राम प्रति माह ही रहेगी। इसका अर्थ है कि परिवार के सदस्यों की संख्या के अनुसार राशन का निर्धारण किया जाएगा, लेकिन कुल मात्रा तय सीमा से अधिक नहीं होगी।

गरीब परिवारों को पर्याप्त लाभ देने के लिए राशन सिस्टम में बदलाव

सरकार के अनुसार मौजूदा व्यवस्था में परिवारों के आकार के आधार पर असमानता देखने को मिलती है। छोटे परिवारों को प्रति व्यक्ति अधिक अनाज प्राप्त हो जाता है, जबकि बड़े परिवारों के सदस्यों को कम मात्रा में अनाज मिलता है। इससे कई जरूरतमंद परिवारों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए प्रति व्यक्ति आधार पर राशन वितरण की नई प्रणाली प्रस्तावित की गई है।

प्रस्ताव लागू होने से राशन व्यवस्था में आएगा पारदर्शिता

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और संतुलन बढ़ने की उम्मीद है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समान आधार पर खाद्यान्न उपलब्ध हो। विशेष रूप से बड़े परिवारों को इससे लाभ मिल सकता है, क्योंकि राशन का निर्धारण परिवार के सदस्यों की वास्तविक संख्या के आधार पर किया जाएगा।

करोड़ों लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलने की संभावना

सरकार का मानना है कि यह प्रस्तावित संशोधन देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यदि यह बदलाव लागू होता है, तो इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जाएगा, जिससे करोड़ों लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलने की संभावना है।

Written By: Geeta Sharma