UP News: उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्कूली छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार का रवैया बदलता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अब जहां भी छात्र प्रदर्शन करेंगे, वहां युवा अफसरों को बातचीत के लिए भेजा जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया जा सकता है कि वे छात्रों से दोस्ताना तरीके से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझें और समाधान का रास्ता निकालें। सरकार का फोकस अब सख्ती के बजाय संवाद के जरिए विवाद सुलझाने पर रहने की संभावना है।

जल्द सामने आ सकती है यूथ पॉलिसी

छात्रों के लगातार विरोध को देखते हुए सरकार नई यूथ पॉलिसी तैयार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि इसे जल्द सार्वजनिक किया जा सकता है। इसके अलावा सरकार युवा आयोग के गठन पर भी विचार कर रही है। प्रस्तावित आयोग में छात्रों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जा सकता है, ताकि वे अपनी मांगों, समस्याओं और सुझावों को सीधे सरकार के सामने रख सकें।

खाली पदों पर भर्ती की तैयारी

युवाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सरकार विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने की दिशा में भी कदम उठा सकती है। वहीं, यूपी पुलिस को भी युवाओं के प्रदर्शन को लेकर नए दिशा-निर्देश मिलने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन की स्थिति में लाठीचार्ज के बजाय बातचीत के माध्यम से छात्रों को समझाने पर जोर दिया जाएगा।

कई जिलों में सामने आया विरोध

पिछले एक महीने में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में छात्रों ने स्कूलों से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किए हैं। लखनऊ और उन्नाव में छात्रों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। हमीरपुर में छात्रों ने कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला, जबकि कन्नौज में छात्रों ने अधिकारियों का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचने के लिए खुद को हॉस्टल के अंदर बंद कर लिया।

बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायतें

छात्रों की अधिकांश मांगें बेहद बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी हैं। इनमें पर्याप्त शिक्षक, बेहतर गुणवत्ता का भोजन, पीने का साफ पानी, ठीक से काम करने वाले पंखे, साफ-सफाई, बेहतर कैंपस और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी मांगें शामिल हैं। छात्रों ने शिक्षकों की कमी और कुछ शिक्षकों के व्यवहार को लेकर भी शिकायतें की हैं।

103 स्कूलों के निरीक्षण का आदेश

लखनऊ और उन्नाव के सर्वोदय आवासीय स्कूलों में कुछ ही दिनों के अंतराल पर हुए प्रदर्शनों के बाद सरकार ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी 103 स्कूलों के निरीक्षण का आदेश दिया है। अधिकारियों को स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं, भोजन, शिक्षकों की स्थिति और साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं की जांच करने को कहा गया है।

ये भी पढ़ें: बची हुई ब्रेड से बनाएं सुपर क्रिस्पी स्नैक, मिनटों में तैयार

प्रशासन ने समझाकर खत्म कराया प्रदर्शन

प्रदर्शनों के दौरान पुलिस, समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं समझने की कोशिश की। अधिकारियों ने छात्रों से विरोध समाप्त करने की अपील की। करीब आधे घंटे की बातचीत के बाद प्रदर्शन खत्म कराया गया। प्रशासन के मुताबिक, छात्रों की कई मांगों को दर्ज कर उनके समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इन घटनाओं से संकेत मिलता है कि सरकार अब छात्रों की नाराजगी को केवल कानून-व्यवस्था के मुद्दे के रूप में देखने के बजाय उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं के साथ जोड़कर समाधान तलाशने की कोशिश कर रही है।

Written By: Geeta Sharma