अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में चल रही वार्ता के दौरान तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा दी गई चेतावनी के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरानी पक्ष ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के लिए वह पूरी तरह तैयार है।
दोनों देशों में 80 मिनट तक हुई बातचीत
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति के हालिया बयान से नाराज ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता स्थल छोड़ दिया। इससे दोनों देशों के बीच जारी बातचीत के भविष्य को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। बताया जा रहा है कि बातचीत का पहला चरण लगभग 80 मिनट तक चला।
Pakistan और Qatar निभा रहे हैं मध्यस्थ की भूमिका
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती दौर की चर्चा में ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा शामिल नहीं था। वार्ता मुख्य रूप से दोनों देशों के बीच हुए समझौतों के क्रियान्वयन और लेबनान की मौजूदा स्थिति पर केंद्रित रही। इस प्रक्रिया में Pakistan और Qatar मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
अमेरिका संयम बरतने की दी सलाह – ईरान के प्रमुख वार्ताकार
ईरान के प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद ग़ालिबाफ़ (Mohammad Ghalibaf) ने अमेरिकी चेतावनियों को खारिज करते हुए कहा कि देश की सशस्त्र सेनाएं किसी भी संभावित हमले का जवाब देने में सक्षम हैं, उन्होंने अमेरिका से अपने बयानों में संयम बरतने की सलाह भी दी।
ट्रंप ने दी चेतावनी
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि ईरान को लेबनान में सक्रिय अपने सहयोगी समूहों की गतिविधियों पर नियंत्रण करना चाहिए, उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि ऐसे समूहों द्वारा तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियां जारी रहीं तो अमेरिका पहले से भी अधिक कठोर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
बढ़ती बयानबाजी कर सकती है वार्ता प्रभावित
विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच बढ़ती बयानबाजी ज्यूरिख में चल रही वार्ता को प्रभावित कर सकती है और कूटनीतिक समाधान की राह को और जटिल बना सकती है।
Written By Toshi Shah