Kharge Latest News: बुधवार 13 अगस्त को संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जमकर बहस हुई। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तरखांड के हल्द्वानी में भाषण के बाद हुए शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया। तो जेपी नड्डा ने खरगे के शुद्धिकरण के आरोपों का जवाब भी दिया।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित 'विजय शंखनाद रैली'की। खरगे के भाषण के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर श्रीराम सेना की ओर से शुद्धिकरण हवन कराया गया, जिसके बाद विवाद गहरा गया है।

कांग्रेस ने इसे सामाजिक भेदभाव और दलित-पिछड़ा विरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

खरगे ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा

खरगे ने राज्यसभा में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हल्द्वानी में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया था और अपने भाषण में किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल सरकार से जुड़े मुद्दों को उठाया। इसके बावजूद उनके भाषण के बाद मंच को 'शुद्ध' करने के लिए हवन कराया गया।

खरगे ने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में इस तरह की घटनाओं के लिए कोई जगह है। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के नेता हैं और ऐसे घटनाक्रम संविधान की रक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

जेपी नड्डा ने जांच का दिया भरोसा

राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने खरगे की बात का जवाब देते हुए घटना पर दुख जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती और न ही कभी करेगी। नड्डा ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो कुछ हुआ है, उसकी पूरी जानकारी ली जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि खरगे की भावनाएं आहत होना सभी के लिए दुखद है और पार्टी इस मामले को देखेगी।

प्रियंका गांधी ने BJP-RSS की विचारधारा पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मामले को लेकर बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की सोच को नकारा जाना चाहिए। प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री से घटना की निंदा करने और माफी मांगने की मांग की।

उन्होंने संसद की कार्यवाही को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे सत्र में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी को लेकर विपक्ष सवाल उठाता रहा है। उनके मुताबिक, ऐसे माहौल में लोकतांत्रिक संस्थाओं के सुचारु संचालन पर भी सवाल खड़े होते हैं।

सामाजिक समानता का मुद्दा बना राजनीतिक बहस

स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर 'शुद्धिकरण' जैसा आयोजन लोकतांत्रिक और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस ने इसे सामाजिक समानता, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है।

ये भी पढ़ें: दिल्ली हमले के पीछे अल-कायदा? संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने बढ़ाई हलचल

वहीं, बीजेपी की ओर से घटना से दूरी बनाए जाने और जांच का भरोसा दिए जाने के बाद अब इस मामले की राजनीतिक दिशा जांच के परिणाम पर भी निर्भर करेगी।

 Written By: Geeta Sharma