लंदन: जेय सिंध फ्रीडम मूवमेंट (JSFM) ने पाकिस्तान के सिंध पुलिस के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) की कथित 10वीं रेड बुक में 29 सिंधी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के नाम शामिल किए जाने की निंदा की है।
JSFM के केंद्रीय प्रवक्ता मंसूर अहमद हब ने एक बयान जारी कर इसे चिंताजनक, अन्यायपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को कथित अपराधियों के साथ सूचीबद्ध करना आतंकवाद विरोधी तंत्र का दुरुपयोग है।
JSFM नेताओं के नाम शामिल होने का दावा
JSFM के अनुसार, कथित रेड बुक सूची में संगठन के चेयरमैन सोहेल अब्रो, पश्चिम एशिया समन्वयक मसूद अहमद उर्फ सैयद मसूद शाह समेत कई अन्य सिंधी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं।
बताए गए नामों में शफी मोहम्मद बुर्गफत, सैयद अली असगर शाह, लाला असलम पठान, मोहम्मद हनीफ बुल्लो, सज्जाद अली मांगनेजो और मशूक अली कंब्रानी शामिल हैं।
JSFM ने खुद को राजनीतिक आंदोलन बताया
JSFM ने कहा कि उसका आंदोलन 1973 से सिंध की स्वतंत्रता, संप्रभुता और आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए राजनीतिक संघर्ष के रूप में जारी है। संगठन ने सिंधी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को आतंकवादी या अपराधी बताए जाने को खारिज किया और कहा कि वह आतंकवाद का समर्थन नहीं करता।
JSFM ने खुद को G.M. सैयद के विचारों से प्रेरित एक धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक संगठन बताया, जो धार्मिक कट्टरता, सांप्रदायिकता और आतंकवाद का विरोध करता है।
पाकिस्तानी संस्थानों पर लगाए आरोप
JSFM प्रवक्ता मंसूर अहमद हब ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की राज्य संस्थाओं और सुरक्षा एजेंसियों ने इतिहास में कट्टरपंथी तत्वों को सहन किया या उनका समर्थन किया है। उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति से जुड़े मामलों में राज्य संस्थानों की भूमिका की जांच की मांग की।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हस्तक्षेप की अपील
JSFM ने संयुक्त राष्ट्र, एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच, ब्रिटिश संसद, पत्रकारों और लोकतांत्रिक देशों से कथित रेड बुक सूची की जांच करने की अपील की।
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संगठन ने मांग की कि इस मामले में एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन नामों को सूची में शामिल करने का आधार क्या है।
शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों की सुरक्षा की मांग
JSFM ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि सिंधु देश की मांग को लेकर होने वाली शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों और आतंकवाद या आपराधिक गतिविधियों के बीच अंतर किया जाए। संगठन ने सिंधी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के मौलिक अधिकारों और सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।