Jharkhand Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ 24 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन आखिरकार सरकार के बड़े फैसले के बाद निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि सीएम हेमंत सोरेन ने 17 अगस्त को विवादित JSSC-CGL परीक्षा और निजी भर्ती एजेंसी TDPL से जुड़ी पूरी प्रक्रिया रद्द करने की घोषणा की। जिससे आंदोलनकारी छात्रों को बड़ी राहत मिली, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

JPSC के बाद JSSC परीक्षा भी रद्द
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश नया नहीं है। JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को पहले ही रद्द करने की घोषणा की जा चुकी थी। इसके बाद छात्रों की मुख्य मांग JSSC परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की थी। अब सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा और उससे जुड़ी प्रक्रिया भी रद्द कर दी है। इसके बावजूद छात्रों का एक गुट जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में इसलिए डटा है क्योंकि उसकी मांग केवल परीक्षा रद्द कराने तक सीमित नहीं है।

विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई से भड़का आक्रोश
10 अगस्त को हजारों छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इससे पहले अनशन कर रहे छात्र नेता राहुल क्रांति की हालत भी बिगड़ी थी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलन ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। बीजेपी ने इसके विरोध में 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद बुलाया।

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बाद आया बड़ा फैसला
15 से 17 अगस्त के बीच भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेताओं की बिगड़ती तबीयत और बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने आंदोलनकारी प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया। आखिरकार 17 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा और TDPL से जुड़ी पूरी प्रक्रिया रद्द करने की घोषणा कर दी। TDPL वही निजी एजेंसी है, जिसे परीक्षा आयोजित कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस मामले में TDPL से कभी जुड़े रहे अभय तिवारी पर भी आरोप लगे हैं। वह वर्तमान में झारखंड सरकार में अधिकारी हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

25 जुलाई से शुरू हुआ था आंदोलन
JSSC-CGL परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन 25 से 29 जुलाई के बीच रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने के साथ शुरू हुआ था। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और पूरे मामले की CBI जांच की मांग उठाई। आंदोलन धीरे-धीरे तेज होता गया और 2 से 6 अगस्त के बीच कई छात्र नेताओं ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसी दौरान CID ने मामले से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ शुरू की। सरकार ने भी छात्रों से बातचीत के लिए एक संवाद समिति का गठन किया।

अब CBI जांच को लेकर अड़ा छात्रों का एक गुट
रिफॉर्म्स मंच की अगुआई कर रहे छात्रों की मुख्य मांग है कि भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी और उससे जुड़े पूरे मामले की CBI से जांच कराई जाए। छात्रों का तर्क है कि केवल परीक्षा रद्द करने से जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं होगी। सरकार फिलहाल मामले की CID जांच करा रही है। ऐसे में छात्रों के एक गुट और सरकार के बीच मुख्य टकराव अब जांच एजेंसी को लेकर है।

अनशन खत्म, लेकिन आंदोलन पर पूरी तरह विराम नहीं
सरकार के फैसले के बाद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत कई छात्रों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार ने छात्रों की कई प्रमुख मांगों को स्वीकार किया है। लंबे संघर्ष के बाद आए फैसले को देखते हुए JLKM ने फिलहाल आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है। वहीं, रिफॉर्म्स मंच की ओर से अनशन कर रहीं हबीबा और राहुल क्रांति का भी अनशन समाप्त कराया गया। हालांकि, संगठन ने आंदोलन को पूरी तरह खत्म करने पर सहमति नहीं जताई है।

24 दिन के संघर्ष का नतीजा क्या रहा?
24 दिनों तक चले इस आंदोलन में छात्रों ने धरना दिया, भूख हड़ताल की, विधानसभा मार्च किया और पुलिस कार्रवाई का सामना किया। कई प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ी और मामला राजनीतिक बहस का हिस्सा भी बना। आखिरकार सरकार को JSSC-CGL परीक्षा और TDPL से जुड़ी प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लेना पड़ा। यानी छात्रों की मुख्य मांगों में से एक पूरी हो गई, लेकिन CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलन की पूरी तरह समाप्ति अभी बाकी है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार की CID जांच किस नतीजे तक पहुंचती है और क्या छात्रों के उस गुट को भी संतुष्ट किया जा सकेगा, जो पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग पर अब भी अड़ा हुआ है।

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Written by Shailesh Yadav