DELHI NEWS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि महिला आरक्षण की बात पर पीएम मोदी हमेशा चुप्पी साधे रहते हैं। वह महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना चाहते हैं। जयराम रमेश ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का इरादा है कि महिला आरक्षण नहीं हो। जहां भाजपा संसद में 534 सीटों को बढ़ाने की बात पर आपसी सहमति जता चुकी है। तो दूसरी तरफ विपक्ष महिला आरक्षण के मुद्दे को उठाकर सदन में परिसीमन बिल के खिलाफ में एक साथ विरोध प्रदर्शन करते हुए संसद परिसर में देखे गए।
परिसीमन बिल के खिलाफ एकजुट विपक्ष
परिसीमन बिल लागू करने के मुद्दे पर सदन में काफी दिनों से शोर सुनाई दिया। कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियां एक जुट होकर परिसीमन बिल का विरोध किया और महिलाओं को 182 सीटे पर आरक्षण देने की बात कही। जहां भाजपा महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना चाहता है तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस बिल का विरोध करती दिखाई दे रही है। समाजवादी पार्टी से लेकर कई अन्य राजनीतिक दल कांग्रेस संसद परिसर में कांग्रेस का समर्थन करते दिखाई दिए।
कांग्रेस नेता जय राम रमेश ने की पीएम की आलोचना
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने महिला आरक्षण के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि, 1993 में 73वां और 74वां संविधान संशोधन विधेयक पारित किया गया।
इसके लिए उस दौर के प्रधानमंत्री राजीव गांधी जिम्मेदार थे। उन्हीं के नजरिए से संसद में 1/3 महिला आरक्षण का हमारे संविधान में प्रावधान किया गया था। जयराम रमेश ने मल्लिकार्जुन खरगे की बात को आवाज देते हुए कहा कि खरडे जी ने सरकार से कहा था कि महिलाओं को 1/3 आरक्षण तुरंत दीजिए, लेकिन वह नहीं माना गया। हमने पूछा कि यह कब पारित होगा। लेकिन हर बात पर चुप्पी साधी गई। 543 सीटों में 182 सीटे महिलाओं के लिए आरक्षित कीजिए। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी केवल यही प्रयास कर रहे हैं कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ा जाए। प्रधानमंत्री मोदी का इरादा है कि महिला आरक्षण नहीं हो।"
#WATCH दिल्ली: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, "1993 में 73वां और 74वां संविधान संशोधन विधेयक पारित किया गया... इसके लिए जिम्मेदार थे उस वक्त के प्रधानमंत्री राजीव गांधी। उन्हीं की दूरदृष्टि से 1/3 महिला आरक्षण का हमारे संविधान में प्रावधान किया गया था... मल्लिकार्जन खरगे ने… pic.twitter.com/6VJQTTaSOB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 16, 2026
विपक्ष 543 सीट को स्थिर करने की मांग पर अड़ा
दरअसल परिसीमन बिल के विरोध में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल कड़ा विरोध करता हुआ पाया गया। विपक्ष का कहना है कि इस कारण दक्षिणी और अन्य राज्यों को राजनीतिक नुकसान होना संभव है। महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना महज एक राजनीतिक चालबाजी है। जिससे देश में उत्तर-दक्षिण का संतुलन बिगड़ना संभव हैं। यही कारण है कि विपक्ष बार-बार सदन में परिसीमन बिल का विरोध करते हुए लोकसभा की मौजूदा सीटे 543 को स्थिर करने की मांग पर अभी भी अड़ा है।
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Written By: MADHVI TANWAR