Ranveer Allahbadia: आज युवाओं के बीच कंटेंट क्रिएशन में करियर विकल्पों में शामिल हो चुका है। सोशल मीडिया और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म ने लोगों को बिना किसी बड़े सेलिब्रिटी बैकग्राउंड के अपनी पहचान बनाने और कमाई करने का मौका दिया है। इसी को लेकर मशहूर यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया ने अपनी राय साझा की है। उनका कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री की तुलना में कंटेंट क्रिएशन में ज्यादा लोगों के लिए टिकाऊ करियर बनाने की संभावनाएं मौजूद हैं।
रणवीर ने क्या कहा?
रणवीर अल्लाहबादिया ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट शेयर किया। पोस्ट में लिखा, फिल्म इंडस्ट्री कंटेंट क्रिएशन की तुलना में ज्यादा पैसा देती है,लेकिन उनके मुताबिक अक्सर स्थिति इसके उलट होती है। उनका मानना है कि बॉलीवुड में केवल कुछ गिने-चुने कलाकार ही बहुत बड़ी कमाई कर पाते हैं। इसके मुकाबले क्रिएटर इकोनॉमी में हजारों लोगों के लिए अपनी ऑडियंस तैयार करके कमाई के अलग-अलग रास्ते बनाने की गुंजाइश है। खास बात यह है कि इसके लिए जरूरी नहीं कि व्यक्ति अभिनेता की तरह बेहद लोकप्रिय या सुपरस्टार हो। लगातार अच्छा कंटेंट और एक मजबूत ऑडियंस भी कमाई का आधार बन सकती है।
रणवीर खुद भी हैं सफल कंटेंट क्रिएटर
रणवीर अल्लाहबादिया लंबे समय से डिजिटल कंटेंट की दुनिया में सक्रिय हैं। वह अपना लोकप्रिय पॉडकास्ट चलाते हैं, जिसमें बॉलीवुड, बिजनेस, खेल और अन्य क्षेत्रों से जुड़े कई चर्चित चेहरे नजर आ चुके हैं। यूट्यूब पर उनके चैनल के लाखों सब्सक्राइबर हैं और उनकी डिजिटल मौजूदगी काफी मजबूत है। उनकी अपनी सफलता को देखते हुए कंटेंट क्रिएशन को लेकर उनका अनुभव इस बहस को और दिलचस्प बनाता है। हालांकि,उनकी बात को लेकर सोशल मीडिया पर सभी लोग सहमत नहीं दिखे।
यूजर्स ने उठाए सवाल
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने रणवीर की राय का समर्थन किया। उनका कहना था कि आज क्रिएटर इकोनॉमी में कमाई के कई विकल्प मौजूद हैं। विज्ञापन, ब्रांड डील, सब्सक्रिप्शन, डिजिटल प्रोडक्ट और अन्य माध्यमों से क्रिएटर्स अपनी आय के अलग-अलग स्रोत बना सकते हैं। वहीं, कुछ यूजर्स ने तर्क दिया कि कंटेंट क्रिएशन में भी सफलता हासिल करना आसान नहीं है। उनके मुताबिक यहां भी केवल एक छोटा हिस्सा ही लगातार अच्छी कमाई कर पाता है। कई छोटे क्रिएटर्स को लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ता है और ऑडियंस बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है।
ये भी पढ़ें: 173 गांव डूबे…13 जिलों में नदियां उफान पर, यूपी में मानसून को रौद्र रूप
AI के दौर में बदलेगी क्रिएटर इकोनॉमी?
इस चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मुद्दा भी सामने आया। कुछ यूजर्स का मानना है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से कंटेंट निर्माण पहले की तुलना में आसान होगा, लेकिन इससे प्रतिस्पर्धा भी तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में सिर्फ कंटेंट बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अपनी अलग पहचान और ऐसी स्किल विकसित करना जरूरी होगा जिससे ऑडियंस को लगातार जोड़ा जा सके।
Written By: Geeta Sharma